एक खास कोठरी में बीतेगी अमृतपाल सिंह की रात, ब्लैक कैट कमांडो करेंगे निगरानी

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खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह को पंजाब से असम की एक जेल में लाये जाने की सूचना के मद्देनजर डिब्रूगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है. एक अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय जेल में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गयी है. उन्होंने कहा कि जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए असम पुलिस के विशिष्ट ब्लैक कैट कमांडो, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. अमृतपाल को कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष कोठरी में रखा गया है. असम पुलिस के जवानों के साथ पंजाब पुलिस की एक टीम जेल में मौजूद है

भिंडरावाला के रोडे गांव हुआ गिरफ्तार 

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल (29) और उसके समर्थकों ने हथियारों के साथ पिछले महीने एक थाने पर धावा बोला था जिसे देश के सुरक्षा तंत्र द्वारा एक चुनौती के रूप में देखा गया था. इससे पंजाब में एक बार फिर आतंकवाद का खतरा मंडराने लगा जो राज्य में 1980 के दशक में और 1990 के दशक के शुरुआती वर्षों में देखने को मिला था. अमृतपाल को सुबह 6.45 बजे रोडे में हिरासत में लिया गया. आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले रोडे गांव से था और अमृतपाल को पिछले साल इस गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन का प्रमुख नियुक्त किया गया था.

गुरुद्वारे में छिपा हुआ था अमृतपाल

अमृतपाल एक गुरुद्वारे में छिपा हुआ था और पंजाब पुलिस ने कट्टरपंथी उपदेशक को चारों तरफ से घेर लिया. उसे कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया. पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुखचैन सिंह गिल ने कहा, ‘‘अमृतसर पुलिस और पंजाब पुलिस की खुफिया इकाई ने एक संयुक्त अभियान चलाया। पंजाब पुलिस को अमृतपाल के रोडे गांव में होने का पता चला था. पुलिस ने गांव में उसे चारों तरफ से घेर लिया था.

आत्मसमर्पण का दावा गलत 

गिल ने अमृतपाल के दावे का खंडन किया कि यह ‘‘आत्मसमर्पण’’ था, और कहा कि भगोड़े को घेर लिया गया था. गिल ने बताया कि अमृतपाल को यह संदेश दिया गया था कि उसके भागने की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘अमृतपाल के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत वारंट जारी किए गए थे और सुबह इन्हें तामील किया गया. कानून अपना काम करेगा.

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