Manipur Violence: ‘हाईकोर्ट के एक जल्दबाजी भरे फैसले की वजह से हुई जातीय हिंसा’, गृह मंत्री अमित शाह का बयान

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मणिपुर हिंसा के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर दौरे पर हैं. इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर कहा कि, अप्रैल में मणिपुर हाईकोर्ट के एक जल्दबाज फैसले के कारण यहां पर जातीय हिंसा और दो ग्रुप के बीच में हिंसा की शुरुआत हुई. पिछले 6 वर्षों से जब से मणिपुर में भाजपा की सरकार आई मणिपुर बंद, कर्फ्यू और हिंसा से मुक्त हो गया था.

हिंसा की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन

उन्होंने कहा, मणिपुर में डबल इंजन की सरकार ने विकास के सभी पैमानों में अभूतपूर्व सिद्धि हासिल की. पिछले 1 महीने में मणिपुर में हिंसक घटनाएं हुई हैं. जिन नागरिकों की हमल की हिंसा में मृत्यु हुई है उनके परिजनों के प्रति प्रधानमंत्री मोदी, मेरी तरफ से और भारत सरकार की तरफ से संवेदना व्यक्त करता हूं. हिंसा की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया जाएगा. हिंसा के 6 केसों की जांच सीबीआई करेगी. हिंसा पीड़ितों को 10 लाख का मुआवजा देने की घोषणा हुई है, जिसमे 5 लाख राज्य और 5 लाख केंद्र सरकार योगदान करेगा.

हिंसा में अब तक 75 लोगों की हुई मौत

आपको बताएं कि, 3 मई को मेइतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद से कम से कम 75 लोग मारे गए हैं, सैकड़ों घायल हुए हैं और लगभग 50,000 विस्थापित हुए हैं. मणिपुर सरकार ने मोबाइल और ब्रॉडबैंड दोनों पर इंटरनेट प्रतिबंध 5 जून तक के लिए बढ़ा दिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने लोगों से उन हथियारों को वापस करने का भी आग्रह किया है, जो दंगों के दौरान पुलिस बटालियन से छीने गए थे.

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