‘युवाओं के हाथ में पत्थरों की जगह कलम और लैपटॉप होना चाहिए’, जम्मू-कश्मीर में बोले अमित शाह

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जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय ‘वितस्ता सांस्कृतिक महोत्सव’ में शामिल हुए. इस कार्यक्रम में उन्होंने इस अवसर पर मोदी सरकार के द्वारा किये गये कार्यों का उल्लेख किया और कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर में काफी विकास हुआ है. अमित शाह ने पूर्व में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पथराव की ओर इशारा करते हुए कहा कि युवाओं के हाथ में पत्थरों की जगह कलम और लैपटॉप लेने चाहिए. उन्होंने कहा कि ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ पहचान से वंचित रहे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को देश के सामने लाने का एक अभियान है.

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह वही झेलम और वितस्ता है जो हजारों साल से कश्मीर के अंदर अनेक प्रकार के अनुसंधानों की साक्षी रही, अनेक प्रकार की संस्कृतियों के मिलन का स्थल बनने का इसको सौभाग्य प्राप्त है. इसी झेलम ने आदि शंकर को भी देखा है और बौद्ध साधुओं को देखा है. उन्होंने कहा कि एक ज़माने में हम पर शासन करने वाले अंग्रजों को हमारी विविधता दुर्बलता लगती थी. जब शासक रचनात्मक दृष्टिकोण से देखता है तो विविधता में एकता ही हमारी विशेषता है और हमारी मज़बूती है… सबके साथ जीने का भारत की विशेषता है. वितस्ता महोत्सव कश्मीर की यह विशेषता को समग्र भारत और विश्व में पहुंचाने वाला राजदूत है.

जम्मू-कश्मीर में हुई प्रगति का जिक्र

इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सांबा में ‘सेंट्रल फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) की आधारशिला रखी और जम्मू में कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सांबा में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में हुई प्रगति का जिक्र किया. साथ ही क्षेत्र में लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया. इनमें 100 करोड़ रुपये की लागत से सांबा में बन रही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, रामबन और किश्तवाड़ जिले में कुल 157.47 करोड़ की लागत से जलजीवन मिशन के तहत चलाई जा रहीं 41 जलापूर्ति योजनाएं, डोडा बस अड्डा पर 32.46 करोड़ रुपये से बहुमंजिला पार्किंग, बक्शी नगर में 40.86 करोड़ की लागत से हड्डी एवं जोड़ अस्पताल, ग्रिड स्टेशन, डोगरा चौक से केसी चौक के बीच सड़क का उन्नयन शामिल हैं.

राहुल गांधी पर किया कटाक्ष

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर प्रगति की राह पर बढ़ रहा है और नया जम्मू-कश्मीर आकार ले रहा है. गत नौ साल में नौ नये चिकित्सा महाविद्यालय और 15 नर्सिंग कॉलेज स्थापित किये गये है. जिससे चिकित्सा शिक्षा का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है. उन्होंने कहा कि धारा-370 हटानी है, तो ये विरोध करेंगे. राम मंदिर बनाना है, तो विरोध करेंगे. तीन तलाक हटाना है, तो विरोध करेंगे…अरे राहुल बाबा, विरोध करते-करते आपका स्वभाव ही विरोध का बन चुका है.

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