हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और लैंड स्लाइड से 66 लोगों की मौत, मौसम विभाग का अलर्ट, जारी रहेगी बारिश

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Weather Updates: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आफत की बरसात हो रही है. पानी से दोनों राज्यों के कई इलाकों में हाहाकार मचा है. वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश और लैंड स्लाइड से 66 लोगों की मौत हो गई है. इधर मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. साथ ही उत्तराखंड के लिए कहा है कि वहां भी अगले चार दिनों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है. इधर, हिमाचल प्रदेश के शिमला का समर हिल इलाका भूस्खलन की चपेट में है. कालका-शिमला रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है. प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है. वहीं लगातार हो रही बारिश के कारण दोनों प्रदेशों में करोड़ों का नुकसान हो चुका है.

शिमला में राहत और बचाव जारी
इधर, शिमला में समर हिल इलाके में हुए भारी भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है. एनडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, स्थानीय पुलिस और होमगार्ड के जवानों लगातार बचाव कार्य में जुटे हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक इलाके से कुल 21 शव बरामद हो चुके हैं. अभी भी खोज अभियान जारी है. बताया जा रहा है कि कृष्णानगर इलाके में भूस्खलन के बाद कम से कम आठ घर ढह गए और एक बूचड़खाना मलबे में दब गया. जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि शिव मंदिर स्थल पर अभी भी 10 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है. बता दें, सोमवार शिव मंदिर में भूस्खलन हुआ तो सावन महीने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां मौजूद थे.

हिमाचल प्रदेश में बंद हुए शिक्षण संस्थान
गौरतलब है कि मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों के लिए हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान जाहिर किया है. वहीं, बारिश को देखते हुए विश्वविद्यालय ने शिक्षण गतिविधियों को 19 अगस्त तक निलंबित कर दिया है. विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भी 20 अगस्त तक बंद रहेगा. मंगलवार को विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अध्यापक एवं शिक्षणेत्तर कर्मी अपनी ड्यूटी पर आम दिनों की तरह आयेंगे. मंडी जिले में सोमवार को वर्षा जनित घटनाओं में 19 लोगों की जान चली गयी थी. इससे पहले रविवार देर रात सेघली पंचायत में भूस्खलन में दो साल के बच्चे सहित एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई, जबकि पंडोह के पास संभल में छह शव बरामद किए गए.

यूनेस्को विश्व धरोहर शिमला-कालका रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त
समर हिल के समीप भूस्खलन की चपेट में 50 मीटर लंबा पुल आ जाने के कारण, यूनेस्को विश्व धरोहर शिमला-कालका रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त हो गयी. स्टेशन मास्टर जोगिंदर सिंह ने बताया कि शिमला से करीब छह किलोमीटर पहले समर हिल के पास कंक्रीट का पुल पूरी तरह नष्ट हो गया तथा पांच या छह स्थानों पर इस धरोहर रेल मार्ग को क्षति पहुंची तथा सबसे अधिक नुकसान शिमला एवं शोघी के बीच हुआ है. राज्य में 12 में से 11 जिलों में 857 सड़कों पर यातायात अवरुद्ध है तथा 4285 ट्रांसफार्मर और 889 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हैं. कुल्लू जिले से सूचना अभी प्राप्त नहीं हुई है. राज्य आपात अभियान केंद्र के अनुसार, 22 जून से 14 अगस्त तक मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश को 7,171 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

राज्य में मानसून के दौरान बादल फटने तथा भूस्खलन की कुल 170 घटनाएं हुई हैं और करीब 9,600 मकान आंशिक रूप से या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं. वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंगलवार को समीक्षा बैठक हुई, जिसमें उन्होंने बिजली, जलापूर्ति योजनाओं को बहाल करने के आदेश दिया. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में बारिश में लगभग 157 प्रतिशत की वृद्धि के कारण पूरे हिमाचल प्रदेश में व्यापक क्षति हुई है. यहां जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को पिछले कुछ दिनों में मूसलाधार बारिश से प्रभावित बिजली और जलापूर्ति योजनाओं को तेजी से बहाल करने का भी निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने शिमला में जल निकासी प्रणालियों के सुदृढ़ीकरण और पुराने नालों के जीर्णोद्धार पर जोर दिया. उन्होंने प्रस्ताव पर एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का भी आदेश दिया है.

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