Rahul Gandhi: 26 घंटे बीत चुके हैं, राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाली पर बोली कांग्रेस

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कांग्रेस ने मोदी सरनेम वाली टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के एक दिन बाद शनिवार को कहा कि 26 घंटे बीत चुके हैं. उसके नेता की सदस्यता उसी तत्परता से बहाल होनी चाहिए जिस तरह उन्हें अयोग्य ठहराया गया था.

जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, कहा- राहुल गांधी से उन्हें लगता है डर

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि ‘क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका डर लग रहा है कि राहुल गांधी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोल सकते हैं? रमेश ने ट्वीट किया, 23 मार्च को सूरत की सत्र अदालत ने राहुल गांधी को दोषी करार दिया था. उसके 26 घंटे बाद उनकी संसद सदस्यता को रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी गई थी. उस पूरी तरह से गलत दोषसिद्धि पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के 26 घंटे बीत चुके हैं. उन्होंने सवाल किया, राहुल गांधी की संसद सदस्यता अब तक बहाल क्यों नहीं की गई? क्या प्रधानमंत्री को अविश्वास प्रस्ताव में उनके शामिल होने का डर है? लोकसभा में आठ से 10 अगस्त तक अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी. प्रधानमंत्री मोदी चर्चा के आखिरी दिन इसका जवाब दे सकते हैं.

अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को किया फोन

लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, जो तत्परता राहुल जी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने के लिए दिखाई गई, वही तत्परता उनकी सदस्यता बहाल करने में भी दिखाई जानी चाहिए. उन्होंने दावा किया, मैंने शुक्रवार रात लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी को फोन कर कहा था कि उन्हें न्यायालय के आदेश के कुछ कागजात आपको सौंपना चाहता हूं, इसलिए वह मुझे अपने आवास पर आने की अनुमति दें. लोकसभा अध्यक्ष ने मुझे सलाह दी थी कि आज (शुक्रवार) नहीं, मैं कल (शनिवार) बात करूंगा. आज सुबह जब मैंने उनसे फोन पर बात की तो उन्होंने मुझसे कहा कि आप महासचिव से बात करके उनके दफ्तर में ये कागजात सौंप दीजिए. उन्होंने कहा, जब मैंने लोकसभा महासचिव को फोन किया तो उनका तर्क था कि आज मेरा दफ्तर बंद है. मैंने पूछा किसको पत्र देना है तो उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष जी को दे दीजिए. चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता तत्काल बहाल की जानी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी को मिली राहत

गौरतलब है कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल करने का मार्ग प्रशस्त करते हुए मोदी सरनेम को लेकर की गई टिप्पणी के संबंध में 2019 में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगा दी.

किस आधार पर कोर्ट ने राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर लगाई रोक

राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर यह रोक इस आधार पर लगाई गई कि गुजरात के सूरत की अदालत यह बताने में विफल रही. दोषी ठहराए जाने पर राहुल गांधी अधिकतम दो साल की सजा के हकदार क्यों थे, जिसके कारण उन्हें संसद के निचले सदन से अयोग्य घोषित कर दिया गया. शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि अगर सजा एक दिन भी कम होती तो वह संसद से अयोग्य करार नहीं होते. न्यायालय के इस फैसले के बाद गांधी 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ सकेंगे.

कोर्ट ने माना राहुल गांधी के बयान ठीक नहीं थे

सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि गांधी के बयान ठीक नहीं थे और सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्ति से सार्वजनिक भाषण देते समय सावधानी बरतने की अपेक्षा की जाती है. कोर्ट ने यह भी कहा कि गांधी की दोषसिद्धि और उसके बाद संसद की सदस्यता से अयोग्य करार दिए जाने से न केवल सार्वजनिक जीवन में बने रहने का उनका अधिकार प्रभावित हुआ, बल्कि मतदाताओं के अधिकार को भी प्रभावित किया, जिन्होंने उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना था.

क्या है मामला

पूर्णेश मोदी ने 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी सभा में मोदी उपनाम के संबंध में की गई कथित विवादित टिप्पणी को लेकर राहुल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. बीजेपी नेता की याचिका पर सुनवाई करते हुए सूरत के सेशंस कोर्ट ने राहुल गांधी को दोषी करार दिया था और उन्हें दो साल की सजा सुनाई. सजा सुनाये जाने के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता चली गयी और उन्हें सरकारी आवास से भी बेदखल होना पड़ा. बाद में राहुल गांधी ने सजा को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. फिर राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा- सच्चाई हमेशा जीतती है

राहुल गांधी (53) लोकसभा में केरल की वायनाड सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, सच्चाई हमेशा जीतती है, आज नहीं तो कल या परसों. मैं लोगों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं. इधर कांग्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार के किसी भी बहाने के कारण गांधी की संसद सदस्यता बहाल करने में देरी ‘दुर्भावनापूर्ण’, अनुचित और संसदीय लोकतंत्र के दिल और आत्मा के पूरी तरह से विपरीत होगी.

प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी को राहत मिलने पर कहा- तीन चीजों सूर्य, चंद्रमा और सत्य को नहीं छिपाया जा सकता

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भगवान बुद्ध को उद्धृत करते हुए कहा, तीन चीजों को लंबे समय तक छिपाया नहीं जा सकता: सूर्य, चंद्रमा और सत्य. उन्होंने कहा, न्यायपूर्ण फैसला देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद. सत्यमेव जयते.

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