26 फरवरी को भारत बंद, सोमवार को देशभर के बाजारों में निकाला जाएगा ‘ट्रेडर्स मार्च’

0 17


कंफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आरोप लगाया है कि मौजूदा वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेहतर व सरल कर प्रणाली की कल्पना के ठीक विपरीत है। यह जटिल है। चार वर्षों में इसके नियमों में करीब 950 संशोधन स्वयं तस्वीर बयां करते हैं। जीएसटी परिषद भी प्रणाली की स्थिरता को लेकर आश्वस्त नहीं है, लेकिन वह व्यापारियों से उम्मीद करता है कि वे इसके प्रविधानों का निर्बाध तरीके से अनुपालन करें अन्यथा जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद हो सकता है। इनपुट क्रेडिट से हाथ धोना पड़ सकता है और दंड भी भुगतना पड़ सकता है। पत्रकार वार्ता में कैट के अध्यक्ष बीसी भरतिया ने कहा कि इस निराशाजनक पृष्ठभूमि में उनके संगठन ने 26 फरवरी को भारत व्यापार बंद का आह्वान किया है, जिसे व्यापारी व अन्य संगठनों का समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने एक बार फिर केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण व जीएसटी काउंसिल से मौजूदा कर प्रणाली की समग्र समीक्षा कर उसे सरल और युक्तिसंगत बनाने की मांग की है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि जीएसटी परिषद हमेशा यह दावा करती है कि यह एक सरलीकृत कराधान प्रणाली है। यदि वास्तव में ऐसा है, तो हम परिषद के सदस्य सभी राज्य वित्त मंत्रियों को आमंत्रित करते हैं कि वे किसी भी सार्वजनिक मंच पर बिना किसी बाहरी मदद के जीएसटी रिटर्न फार्म भरकर दिखाएं। इससे जीएसटी कर प्रणाली के सरलीकरण के दावों और जटिलताओं की सच्चाई सामने आ जाएगी। इसी तरह जीएसटी नियमों में किए गए हाल के विभिन्न प्रविधान कठोर और मनमाने हैं, जो अधिकारियों को बेजा अधिकार देते हैं। इसमें कारण बताओ नोटिस जारी करने से इन्कार करने या कार्रवाई करने से पहले सुनवाई का अवसर न देने जैसे मामले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के भी खिलाफ हैं।


25 को आयोजित होगी

जीएसटी रिटर्न फार्म भरने की प्रतियोगिता खंडेलवाल ने बताया कि भारत व्यापार बंद के क्रम में 16 से 20 फरवरी तक देशभर में व्यापार संघ, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, प्रमुख सचिव, वित्त, जीएसटी आयुक्त और सभी जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। 22 फरवरी को देशभर के बाजारों में ‘ट्रेडर्स मार्च’ निकाला जाएगा। 21 फरवरी से 25 फरवरी तक भारत व्यापर बंद के बारे में सभी बाजारों में मुनादी होगी। 25 फरवरी को एक खुली प्रतियोगिता ‘जीएसटी रिटर्न फार्म भरना’ आयोजित होगी, जिसमें कम से कम समय में जीएसटी रिटर्न फार्म भरने के लिए व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स कंसल्टेंट्स और सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों के बीच सार्वजनिक रूप से आयोजित की जाएगी। 26 फरवरी को देशभर के बाजार बंद रहेंगे और सभी राज्यों के अलग-अलग शहरों में धरने का आयोजन किया जाएगा।