180 असिस्टेंट प्रोफेसर के अंतिम चयन पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने लगायी रोक, भर्ती प्रक्रिया रहेगी जारी

0 41


लखनऊ विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के अंतर्गत अंतिम चयन सूची जारी करने पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगायी गयी है। हालांकि, उच्च न्यायालय द्वारा विश्वविद्यालय को भर्ती की चयन प्रक्रिया को जारी रखने के आदेश दिये गये हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ की बेंच द्वारा विश्वविद्यालय के एंथ्रोपोलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के एक उम्मीदवार द्वारा दायर एक याचिका की सोमवार, 15 फरवरी 2021 को सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय की अंतिम चयन सूची जारी किये जाने पर अंतरिम रोल लगायी है। इस याचिका में विभिन्न विभागों में सीटों के आरक्षण को लेकर लागू प्रावधानों को चुनौती गयी है।

मामले की सुनवाई कर रही इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति इरशाद अली की बेंच ने लखनऊ विश्वविद्यालय से याचिकाकर्ता एवं सामान्य श्रेणी की उम्मीदवार डॉ. प्रीति सिंह के लिए एक पद को याचिका की सुनवाई पूरी होने तक खाली रखते हुए चयन प्रक्रिया को जारी रखने की छूट दी गयी है। याचिकाकर्ता डॉ. प्रीति सिंह द्वारा सितंबर 2020 में जारी भर्ती विज्ञापन में एंथ्रोपोलॉजी विभाग में चार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को चुनौती दी गयी है।


याचिकाकर्ता की दलील के मुताबिक लखनऊ विश्वविद्यालय को इकाई मानने से चारों पद आरक्षित हो गये हैं। ऐसे में वे (याचिकाकर्ता) आवेदन से वंचित रह गयी हैं। दूसरी तरफ, लखनऊ विश्वविद्यालय की तरफ से अधिवक्ता ने खण्डपीठ के समक्ष जानकारी दी कि विश्वविद्यालय द्वारा 7 मार्च 2019 के केंद्र सरकार के 10 फीसदी अतिरिक्त आरक्षण को लागू किया गया है। इसी के चलते आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से अधिक हो गई है, जबकि यूपी लोक सभा सेवा अधिनियम, 1994 यहां लागू नहीं होता है। इसके बाद न्यायमूर्ति इरशाद अली की सिंगल बेंच ने विश्वविद्यालय को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाबी हलफनामा दायर करने के निर्देश दिये गये हैं। मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च 2021 को होनी है।