110 साल के बाद इस भारतीय खिलाड़ी ने नंबर 7 पर डेब्यू मैच में ठोकी फिफ्टी, रचा इतिहास

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भारतीय टीम के लिए वॉशिंग्टन सुंदर ने बहुत ही सुंदर काम किया, जिसकी जरूरत भारतीय टीम को बहुत ज्यादा थी। इसी के दम पर उन्होंने इतिहास भी रचा है। वॉशिंग्टन सुंदर ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर डेब्यू करते हुए नंबर सात पर बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक जड़ने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उसने पहले सबसे बड़ा स्कोर सातवें नंबर पर डेब्यू करते हुए ऑस्ट्रेलिया में 44 रन था।

गाबा के मैदान पर वॉशिंग्टन सुंदर ने 108 गेंदों में अपने टेस्ट ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल करियर का पहला अर्धशतक जड़ा। नंबर सात पर बल्लेबाजी करने उतरे वॉशिंग्टन सुंदर के साथ बल्लेबाजी रिषभ पंत कर रहे थे, लेकिन पंत के आउट होने के बाद उनको शार्दुल ठाकुर के साथ बल्लेबाजी करनी पड़ी। दोनों ही बल्लेबाज पहली बार टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी कर रहे थे। दोनों ने पहले 50 रन और फिर 100 रन की साझेदारी की। इसी दौरान दोनों ने अर्धशतक भी पूरे किए।


ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करते हुए सातवें नंबर पर पहली बार किसी बल्लेबाज ने अर्धशतक जड़ा है। वहीं, भारत के लिए सातवें नंबर पर डेब्यू इनिंग में अर्धशतक जड़ने वाले वे पांचवें बल्लेबाज हैं। उनसे पहले राहुल द्रविड़, युवराज ऑफ पटियाला, बापू नादकर्णी और दिलावर हुसैन ने अर्धशतक जड़ा था। 1911 के बाद ऐसा पहला है जब किसी बल्लेबाज ने नंबर सात पर बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया में अर्धशतक जड़ा है।


वहीं, गाबा के मैदान पर सातवें विकेट के लिए शार्दुल ठाकुर और वॉशिंग्टन सुंदर के बीच बड़ी साझेदारी भी हुई है। सुंदर और शार्दुल से पहले कपिल देव और प्रभाकर के बीच 58 रन की साझेदारी हुई थी। इसके अलावा वे एक ही टेस्ट मैच में 3 विकेट लेकर अर्धशतक जड़ने वाले वे भारत के पांच खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने ऐसा किया है। 2017 के बाद वॉशिंग्टन सुंदर को फर्स्ट क्लास मैच खेलने का मौका मिला है।