11 महीने बाद आज से सरकारी स्कूलों में आठ कक्षाओं की होगी नियमित पढ़ाई, लंच टाइमिंग पर निर्देश जारी

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11 महीनों के लंबे अंतराल के बाद सोमवार से राज्य के सरकारी स्कूलों में रौनक लौटेगी। कक्षा-5 से लेकर 12वीं यानी आठ कक्षाओं की नियमित पढ़ाई होगी। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रधानाचार्यों को ज्यादा एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में प्रार्थना सभा फिलहाल बंद ही रहेगी। विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि लंच ब्रेक का समय भी बदलें। यानि हर कक्षा के लिए लंच का समय एक नहीं होना चाहिए। दो से तीन कक्षाओं का टाइम तय करें, ताकि बच्चे एक साथ मैदान व कैंटीन इत्यादि में न जा सकें। सर्दी जुकाम के लक्षण वाले शिक्षकों और छात्रों को स्कूल न आने की सलाह दी है। उन्हें कहा गया है कि यदि उनमें इस तरह के कोई लक्षण है तो वह पहले अपना टेस्ट करवाएं।

शीतकालीन अवकाश वाले स्कूल सोमवार से ही नियमित कक्षाओं के लिए खुल रहे हैं। जबकि ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले स्कूलों में छठी व सातवीं कक्षाओं के बच्चों की भी नियमित कक्षाएं लगेंगी। पहली से चौथी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए फिलहाल स्कूल नहीं खोले गए हैं। विभाग ने स्कूल प्रधानाचार्य को कहा है कि यदि कोई छात्र स्कूल नहीं आना चाहता तो वह घर पर रहकर ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर सकता है।


स्कूल में बच्चों की हाजिरी की अनिवार्यता नहीं रहेगी। विद्यार्थियों पर स्कूल आने का दबाव भी नहीं डाला जाएगा। सभी स्कूलों को सैनेटाइज करवाया गया है। स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई बच्चा या शिक्षक कोरोना पॉजिटिव आता है तो स्थानीय प्रशासन की मंजूरी लेकर 48 घंटे तक संस्थान को बंद कर दिया जाए।

कुछ निजी स्कूल भी खुलेंगे

राजधानी शिमला सहित प्रदेश में कई निजी स्कूल भी खुलने जा रहे हैं। हालांकि निजी स्कूल केवल बोर्ड कक्षाओं की ही नियमित कक्षाएं लेंगे। शहर के निजी स्कूलों में सरकारी स्कूलों की अपेक्षा बच्चों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में वह ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते।


नोटिस बोर्ड पर लगेगी एसओपी, बसें भी होंगी सैनेटाइज

शिक्षा निदेशक की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि क्लास रूम में भी शारीरिक दूरी के नियमों की पालना अनिवार्य होगा। बिना फेस मास्क किसी भी छात्र व शिक्षक को कैंपस में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। स्कूल में नोटिस बोर्ड पर सरकार की ओर से जारी एसओपी को चस्पा किया जाएगा। प्रार्थना सभा पर फिलहाल रोक रहेगी। स्कूल में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही छात्र प्रवेश कर सकेंगे। खेलकूद गतिविधियों पर भी रोक लगाई है। जिस स्कूल में छात्रों की संख्या ज्यादा है वहां पर एक दिन छोड़कर कक्षाएं लगाई जा सकती हैं। स्कूलों में मिड डे मील पर 31 मार्च तक रोक पहले से लगी हुई है।

एहतियात बरतने के निर्देश

निदेशक उच्चतर शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा का कहना है स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि ज्यादा एहतियात बरतें और एसओपी का पालन करें। उप शिक्षा निदेशकों को भी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।