झारखंड में रेलवे का 100 फीसदी विद्युतीकरण का लक्ष्य पूरा, हो रहे हैं ये फायदे

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100% Electrification of Rail Network in Jharkhand|रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में झारखंड ने बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. झारखंड में 100 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (15 नवंबर) को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू में उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद खूंटी में कहीं. धरती आबा की जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह को संबोधित करते हुए खूंटी में पीएम मोदी ने कहा कि झारखंड के लिए गौरव की बात है कि यहां रेलवे ने 100 फीसदी इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया है. बता दें कि झारखंड में 2,558 किलोमीटर लंबा रेल नेटवर्क है. इस पूरे रेल ट्रैक का विद्युतीकरण का लक्ष्य पूरा हो चुका है. इसके फायदे भी दिखने लगे हैं. झारखंड में ट्रेनों की स्पीड में सुधार हुआ है. लोगों के अपने गंतव्य तक जाने का समय कम हो गया है. रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण की वजह से ट्रेनों की गति बढ़ी है, जिससे लोग जल्दी अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं. माल ढुलाई भी तेजी से हो रही है. बता दें कि झारखंड खनिज संपदा से संपन्न राज्य है. यहां से कोयला और अन्य खनिज पदार्थ निकलते हैं, जिन्हें अन्य जगहों तक भेजा जाता है. इसकी ढुलाई में रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण ने तेजी ला दी है.

ज्यादा वंदे भारत ट्रेनें चलाने का रास्ता हुआ साफ

रेल मंत्रालय की मानें, तो 100 फीसदी इलेक्ट्रिफिकेशन की वजह से ज्यादा से ज्यादा वंदे भारत ट्रेनें चलाए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. झारखंड से अभी हावड़ा और पटना के लिए वंदे भारत ट्रेनें चल रहीं हैं. झारखंड स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल ने कहा है कि आने वाले दिनों में अन्य राज्यों को जोड़ने के लिए भी वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत की जाएगी. वहीं, भारतीय रेलवे का कहना है कि रेलवे नेटवर्क के विद्युतीकरण का काम तेजी से चल रहा है. इससे एक साथ कई लक्ष्य हासिल होंगे. ट्रेनों की स्पीड तो बढ़ ही गई है, लोगों को बेहतर रेलवे सुविधा मिल रही है. विद्युतीकरण के बाद भारत सरकार के नेट जीरो कार्बन एमीशन का लक्ष्य हासिल करने में भी मदद मिलेगी.

100 विद्युतीकरण से प्रदूषण में आएगी कमी

बता दें कि भारत ने शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनने का संकल्प लिया है. अगर रेलवे का 100 फीसदी विद्युतीकरण हो जाएगा, तो प्रदूषण के स्तर में काफी कमी आ जाएगी. उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क वाले देशों में एक है. हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं. जिन इलाकों में अभी तक इलेक्ट्रिफिकेशन नहीं हो पाया है, वहां डीजल इंजन से ट्रेनें चलतीं हैं, जिसकी वजह से धुआं निकलता है और पर्यावरण को नुकसान होता है.

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