सेना को समृद्ध और सामरिक दृष्टि से मजबूत बनाएगा बजट, रक्षा विशेषज्ञों ने सराहा

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संवेदनशीलता को देखते हुए भले ही केंद्रीय बजट में खुले तौर पर रक्षा क्षेत्र को लेकर किए गए प्रविधान की चर्चा नहीं की गई, लेकिन इसमें बढ़ोतरी करने व सैनिक स्कूलों को खोलने की घोषणा को सेवानिवृत्त व सेवारत सैन्य अधिकारियों ने सराहा है। उनका कहना है कि यह बजट सेना को समृद्ध और सामरिक दृष्टि से मजबूत बनाएगा।

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने कहा कि सेना को समृद्ध बनाने की दृष्टि से सरकार ने बेहतरीन बजट पेश किया है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार 1.39 फीसद बजट बढ़ाया गया है, जोकि अच्छा कदम है। यह बजट देश को सामरिक दृष्टि से भी काफी मजबूत बनाने वाला है।

वहीं, प्रमोद के. सहगल, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) का कहना है कि चीन और पाकिस्तान के साथ जो तनाव बना हुआ है, उसे देखते हुए रक्षा क्षेत्र के लिए बजट में किया गया प्रविधान कम है। इसे बढ़ाने की जरूरत थी। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा देशभर में 100 सैनिक स्कूल खोलने का फैसला सराहनीय है।


मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) ध्रुव कटोच का कहना है कि बजट ज्यादा हो ये जरूरी नहीं है। कम बजट में हम कैसे बेहतर निर्णय करके उसका इस्तेमाल करते हैं, यह जरूरी है। रक्षा बजट को बढ़ाना है तो भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाना होगा। साथ ही हमें अपने आधारभूत ढांचे को भी मजबूत करना होगा।


कर्नल आरएस डूडी ने कहा कि सैनिक स्कूल खोलने का फैसला स्वीकार योग्य है। इससे निश्चित तौर पर भावी पीढ़ी को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी और सेना को अच्छे अफसर मिल सकेंगे। इसके अलावा बजट में किए गए अन्य प्रविधान भी सेना को मजबूत करेंगे।


जनता की प्रतिक्रिया
वहीं जनता की तरफ से मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आयी है। युवा सीताराम ने कहा कि बजट काफी अच्छा है। टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश के बाद युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे। लेकिन रोजगार के लिए सरकार को और भी बेहतर योजनाओं को लाने की जरूरत है।

खिलाड़ी सोनिया ने कहा कि खेल को लेकर कोई खास पैकेज नहीं लाया गया। इस बार भी खेल के बजट को लेकर उदासीनता दिखाई गई जबकि खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि खेल को सुधार के लिए विशेष बल दिए जाएगा।

शिक्षक अनुराधा शर्मा का कहना है कि देश के विद्यालयों को स्मार्ट बनाने के लिए भी उच्च शिक्षण क्षेत्र की तरह विशेष पैकेज की जरूरत है। साथ ही शिक्षण संस्थानों पर कड़ी नजर रखने के लिए योजना लाई जाए।