सीरीज़ में दिखेगा मुंबई हमले का वो हिस्सा, जिसे अब तक किसी ने नहीं देखा!

0 92


‘26 नवंबर 2008 की वो खौफनाक रात हर भारतीय के दिमाग में अपनी छाप छोड़ गई है’। 26/11 को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। ये वो तारीख के है जिसे भारत के इतिहास में हमेशा काला दिन माना जाएगा। हर साल जब भी ये तीरख आती है उस दिन की बुरी यादें हर भारतीय के दिमाग में ऊबर आती हैं। 26/11 को लेकर अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई फिल्में बन चुकी हैं। अब इस विषय पर अमेज़न प्राइम वीडियो भी एक नई सीरीज़ ला रहा है। मुंबई हमले की 12वीं बरसी पर सीरीज़ का पहला लुक भी रिलीज़ कर दिया गया है। सीरीज़ का नाम है ‘मुंबई डायरीज़ 26/11’ (Mumbai Diaries 26/11)।

इस सीरीज़ में आपको कोंकणा सेन शर्मा, मोहित रैना, टीना देसाई और श्रेया धनवंतरी लीड रोल में नज़र आएंगे। सीरीज में डॉक्टर, नर्सों, पैरा मेडिकल और हॉस्पिटल स्टाफ की अब तक न सुनी गई कहानी पेश की जाएगी। इसके डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं निखिल आडवाणी। निखिल आडवाणी के साथ निखिल गोंजालविस ने भी इसका निर्देशन किया है। सीरीज अमेजन प्राइम विडियो पर मार्च 2021 में रिलीज़ की जाएगी।


कैसा है फर्स्ट लुक :

40 सेकेंड के इस फर्स्ट लुक वीडियो में मुंबई ताज होटल (जहां हमला हुआ था) से लेकर घायल लोग और दोड़ती हुई एम्बुलेंस दिखाई गई हैं। सीरीज अस्पताल में बनाई गई है। ये सीरीज उन डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और अस्पताल कर्मियों की अनसुनी कहानी को बयान करती है, जिन्होंने मुंबई पर हुए आतंकी हमले में घायल लोगों की जान बचाने के लिए बिना थके काम किया था। हालांकि फर्स्ट लुक के वीडियो में अभी पूरी तरह से स्टोरी को क्लियर नहीं किया गया है। ज़ाहिर है उसके लिए आपको ट्रेलर के रिलीज़ होने का इंतज़ार करना पड़ेगा।


अमेजन प्राइम विडियो में इंडिया ओरिजिनल्स की हेड अपर्णा पुरोहित ने कहा, ‘ये शो मुंबई के कभी हार न मानने वाले जज्बे को सलाम करता है’। इस शो की थीम के बारे में चर्चा करते हुए निखिल आडवाणी कहते हैं, ‘हम मुंबई के लोग अक्सर ये चर्चा करते हैं कि उस भयानक रात को हम कहां थे, जब इस घटना ने पूरे शहर को हिला डाला था। इस घटना पर अब तक कई शोज और फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन किसी भी शो या फिल्म में इस हमले के दौरान अस्पतालों के पक्ष को नहीं उभारा गया।हम इस सीरीज में बहादुर डॉक्टरों के अच्छे काम की सराहना करेंगे, जिन्होंने इस मुद्दे की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आतंकी हमले के समय घायलों की जान बचाने के लिए बिना थके काम किया था।‘