सचिन वझे को कोर्ट में पेश करने की तैयारी, कई रहस्यों से उठ सकता है पर्दा

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मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर से कार से मिले विस्फोटक सामग्री मामले में पुलिस अधिकारी सचिन वझे को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले की जांच एनआईए कर रही है। सचिन वझे को एनआईए आज कोर्ट में पेश करेगी और उनकी कस्टडी मांगेंगी। बता दें कि कार मालिक मनसुख हिरेन की मौत की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। पुलिस को अब तक मनसुख का मोबाइल नहीं मिला है जो कि जांच में अहम सुराग साबित हो सकता है।

भाजपा ने की सचिन वझे के नार्को टेस्ट की मांग, उद्धव सरकार को घेरा

सचिन वझे की गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महाराष्ट्र भाजपा के वरिष्ठ नेता राम कदम ने ट्वीट कर सचिन वाजे का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। राम कदम ने सचिन वझे की गिरफ्तारी के मामले में उद्धव सरकार को भी घेरा है। राम कदम ने अपने ट्वीट में कहा है कि आखिरकार सचिन वझे को एनआईए ने गिरफ्तार कर ही लिया। क्या अब सचिन वाजे को बचाने का कुकर्म करने वाली शिवसेना की सरकार देश से माफी मांगते हुए सचिन वझे का नार्को टेस्ट करेगी? उन्होंने आगे कहा कि हमारी मांग है सचिन वझे का नार्को टेस्ट कराया जाए जिससे पता चले कि महाराष्ट्र सरकार उसे बचाना क्यों चाहती थी?


मनसुख के मोबाइल को लेकर रहस्य बरकरार

बता दें कि मनसुख हिरेन मौत मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस कर रही है। अब तक न तो मुंबई पुलिस को और न ही एटीएस को मनसुख का मोबाइल मिल सका है। इस रहस्यमय मौत के मामले में मोबाइल अहम सुराग साबित हो सकता है क्योंकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चली मनसुख की मौत की टाइमिंग के बाद तक उसका मोबाइल ऑन था। इससे आशंका है कि हत्यारों ने मनसुख को कलवा खाड़ी में फेंकने से पहले उसकी हत्या की और पुलिस को भ्रमित करने के लिए जानबूझ कर मोबाइल को ऑन रखा। यहीं पर पुलिस को फोन की आखिरी लोकेशन मिली थी।

जानें- क्या है पूरा मामला

बता दें कि पिछले माह 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर अंटीलिया के निकट एक संदिग्ध स्कार्पियो कार पाई गई थी। इस घटना के एक सप्ताह बाद ही स्कार्पियो के कथित मालिक मनसुख हिरेन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। चूंकि मुंबई पुलिस के एपीआइ सचिन वझे ही वह स्कार्पियो चार महीने से चला रहे थे और कार मुकेश अंबानी के घर के निकट पाए जाने के बाद भी वह लगातार मनसुख हिरेन के संपर्क में थे। इसलिए मनसुख का परिवार उनकी हत्या का शक सचिन वझे पर जता रहा है। आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) द्वारा मनसुख हिरेन मामले में दर्ज प्राथमिकी में सचिन वझे की ओर इशारा किए जाने के बाद विपक्ष लगातार उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहा था। इसे देखते हुए सचिन वझे ने शुक्रवार को ठाणे की एक अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। शुक्रवार को ही न्यायालय ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि याचिकाकर्ता के खिलाफ पहली नजर में पर्याप्त सुबूत दिख रहे हैं। इसलिए उसे हिरासत लेकर पूछताछ करने की जरूरत है।

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