रियल एक्शन और अनसुलझे सस्पेंस की कहानी है नक्सलबाड़ी, राजीव खंडेलवाल और आमिर अली सहित सभी कलाकारों ने अपने काम से किया प्रभावित

0 66


दिल्ली न्यूज़24  || नक्सलवादियों, उद्योगपतियों और सरकार के बीच संघर्ष बहुत ही पुराना है। तीनों के पास अपने एजेंडे है, जिसे पूरा करने के लिए वो जी-जान लगा देते हैं। इन सब के बीच राजनीतिक पार्टियां भी इसमें अपना मुद्दा ढूंढ लेती है। नक्सलवाद, उद्योग और राजनीति के इर्द-गिर्द घूमती ऐसी ही एक कहानी है Naxalbari (नक्सलबाड़ी) जिसे पार्थो मित्रा के निर्देशन में बनाया गया है। नौ एपिसोड के इस वेब सीरीज को ZEE5 ओरिजनल पर दिखाया जाएगा।

फिल्म हो या वेब सीरीज उसकी कहानी तब मजेदार हो जाती है जब उसमें सस्पेंस का तड़का हो। Naxalbari की कहानी जितनी आसान लगती है उतनी है नहीं। घटनाएं और उससे संबंधित किरदार इतने उलझे हुए हैं कि उसे सुलझाने में पुलिसवालों का दम निकल जाता है। लेकिन हमारे चालाक STF एजेंट राघव जोशी (राजीव खंडेलवाल) वह कैसे हिम्मत हारने वाले थे। वह अपने स्टाइल से सस्पेंस का पर्दाफाश करते हैं, वो भी फुल एक्शन के साथ। वह तो जंग में आखिरी जंग के खत्म हो जाने तक है। मुंबई के पुलिस कमिश्नर सतीश जोशी के बेटे राघव जोशी का मानना है कि इंसाफ के नाम पर हथियार उठाना गलत है, क्योंकि जंग आखिरी रास्ता नहीं है।

Naxalbari का ट्रेलर देखें…

क्या है कहानी…

Naxalbari की कहानी महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित क्षेत्र गढ़चिरौली से शुरू होती है, जहां सत्तारूढ़ पार्टी के MLA और कुछ अन्य लोगों को बम से मार दिया जाता है। इस जघन्य हत्याकांड में नक्सली नेता बिनु अत्रम (शक्ति आनंद) का हाथ होता है। बिनु के गैंग में कई युवा और सनकी लोग हैं, जो उसके कामों में उसका सहयोग देते हैं। पहान (सत्यदीप मिश्रा) और प्रकृति (श्रीजीता डे) उसके ऐसे दो रत्न हैं, जो उसके लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। गढ़चिरौली में जो नक्सलवाद बढ़ रहा है उसे रोकने की जिम्मेदारी राघव जोशी और उनकी टीम के कंधों पर है। उनका यह मिशन बहुत ही खतरनाक है। इसे पूरा करने के लिए वो अपने करीबियों को भी खो देते हैं। हालांकि, तमाम मुश्किलों के बावजूद उनकी गर्लफ्रेंड केतकी (टीना दत्ता) उनका साथ नहीं छोड़ती हैं।

राघव जोशी की टीम जांच करती है तो पता चलता है कि गढ़चिरौली हमले के तार जंगल से शहर तक फैला हुआ है। पूरा संघर्ष एक उद्योगपति सिसोदिया की सोंच के ईर्द-गिर्द घूमता है, जो गढ़चिरौली के जंगलों में खनन संयंत्र स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। पूरी कहानी में एक संस्पेंस किरदार भी है, जिसका नाम है बाबा। ये बाबा ही है जो बिनु को निर्देश दे रहा है।

किरदारों ने दी अपनी जबरदस्त परफॉर्मेंस

Naxalbari वेब सीरीज में सभी कलाकारों ने अपने कैरेक्टर से सबको प्रभावित किया है। वेब सीरीज में आमिर अली हैं, जिन्होंने पहली बार डिजिटल की दुनिया में कदम रखा है। बतौर बिजनेसमैन उन्होंने अपने किरदार से सबका दिल जीत लिया है। पूरी वेब सीरीज में आमिर का दिलचस्प किरदार केसवानी एक सरप्राइज पैकेज है। उनका अभिनय और उनका किरदार किस तरह से आखिरी एपिसोड में गेम को बदल देता है यह जानने के लिए आपको Naxalbari देखनी होगी।

STF एजेंट के रूप में राजीव खंडेलवाल काफी जच रहे हैं। उनकी खासियत यह है कि उन्हें कोई भी किरदार दे दिया जाए, वो अपनी परफॉर्मेंस से उसमें जान डाल देते हैं। राजीव खंडेलवाल की गर्लफ्रेंड के रूप में टीना दत्ता अपने किरदार में काफी विश्वसनीय लग रही हैं। विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ वह एक अनुवादक के रूप में काम करती हैं। अभिनेता शक्ति आनंद का किरदार भी काफी दमदार लगा। नक्सली बिनु के रूप में वह अपना प्रभाव छोड़ जाते हैं। इसमें उनका साथ श्रीजिता डे और सत्यदीप मिश्रा ने बहुत ही अच्छे से दिया है।

निर्देशक पार्थो मित्रा ने कहानी में एक्शन और सस्पेंस को बहुत ही अच्छे से दिखाया है। सिनेमेटोग्राफी के रूप में हरि नायर और स्क्रीनप्ले के रूप में पुलकित ऋषि अपना हुनर दिखाने में कामयाब रहे हैं। वेब सीरीज में रियल एक्शन को डाला गया है और एक्शन डायरेक्टर एजाज गुलाब ने इसमें अच्छा काम किया है। बात करें ओरिजनल बैकग्राउंड स्कोर की तो इसमें परेश शाह सफल होते दिखाई दिए। वेब सीरीज के निर्माता अर्जुन सिंगघ बरन और कार्तिक निशंदर हैं।

कुल मिलाकर कहे तो Naxalbari उन दर्शकों के लिए अच्छी वेब सीरीज कही जा सकती है, जो डिजिटल की दुनिया में रियल एक्शन और अनसुलझे सस्पेंस को तलाशते हैं। कहानी के साथ किरदार उनको इतने दिलचस्प लगेंगे कि वो पूरी वेब सीरीज को एक दिन में खत्म करना चाहेंगे।