राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ेंगी 10 करोड़ महिलाएं, आजीविका सरस मेले में बोले नरेंद्र तोमर

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देश में अधिक आबादी होने से रोजगार की समस्या स्वभाविक है। रोजगार के अवसर सृजित करने व आजीविका के लिए अभियान के रूप में कार्यक्रम होने चाहिए। आज आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा सामाजिक आर्थिक परिवर्तन ला रहा है। भारत सरकार का लक्ष्य, 2022 तक 10 करोड़ महिलाओं को ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़ना है। इस दिशा में राज्यों सरकारों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। यह बातें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहीं। वे सेक्टर-33 स्थित शिल्प हाट में आयोजित आजीविका सरस मेले पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूह न केवल दूसरों से मिलने का अवसर देते हैं, बल्कि एक-दूजे से सीखने के लिए भी इस मंच का बहुत ही सार्थक उपयोग होता है। उत्पादों की बड़ी मात्रा में बिक्री होती है। इससे आजीविका भी मिलती है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास होगा।


इस दौरान उन्होंने सरस आजीविका मेला 2021 का परिभ्रमण भी किया। साथ ही 300 से अधिक सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिला शिल्प कलाकारों का उनके स्टाल पर जाकर उत्साह बढ़ाया। मेले का आगाज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री नरेंद्र तोमर द्वारा उद्घाटन के साथ हुआ। इस मौके पर कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी भी मौजूद रहे।

कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुति से बांधा समा


मेले में भारत के 27 राज्यों के गांव, अपनी संस्कृति और विरासत के साथ मानो एक जगह जुट गए हैं। शुक्रवार शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुति देते हुए अपनी प्रतिभा दिखाई। इस दौरान दर्शकों ने मेले का भरपूर आनंद लिया। बता दें कि मेले में प्रवेश करने के लिए कोविड-19 के नियमों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा इस मुहिम की शुरुआत की गई है, ताकि हस्तशिल्पियों और हस्तकारों को कोरोना के बाद एक बार फिर से अपनी रोजगारी शुरू करने का मौका मिल सके। यहां फूड स्टाल भी लगे हैं। बच्चों के मनोरंजन का भी पुख्ता इंतजाम किए गए है।