राजीव गांधी सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल पहुंची कोरोना वैक्सीन की दूसरी खेप

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राजीव गांधी सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में कोरोना वैक्सीन की दूसरी खेप पहुंच गई। मंगलवार को सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन की 2.64 लाख डोज पहुंची थी। बुधवार को भारत बायोटेक की वैक्सीन के चार बॉक्स पहुंचे हैं। इनमें 20 हजार डोज हैं। एक बॉक्स में 250 वायल्स (शीशी) हैं। एक वायल में 20 डोज हैं। जबकि सीरम के एक वायल में 10 डोज हैं। राजीव गांधी सुपरस्पेशियलिटी में स्टेट स्टोरेज सेंटर बनाया गया है। यहां से सभी जिलों में वैक्सीन भेजी जाएगी। जिला प्रशासन उन्हें सभी वैक्सीनेशन सेंटर पर भेजेगा।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई देशी वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ की पहली खेप बुधवार सुबह हैदराबाद से दिल्ली पहुंची थी। इसके बाद कोरोना वैक्सीन के बीस हजार डोज को राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (RGSSH) में पहुंचा गया। RGSSH के निदेशक बीएल शेरवाल ने पहली खेप मिलने की पुष्टि की है।


इससे पहले मंगलवार को कोरोना के टीके कोविशील्ड की पहली खेप पहुंची थी। यहां से टीके को पूर्वी दिल्ली इलाके में स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बनाए गए राज्य भंडारण केंद्र तक पहुंचाने के लिए यातायात पुलिस द्वारा 39.4 किलोमीटर लंबा ग्रीन कारिडोर बनाया गया। ग्रीन कारिडोर से अस्पताल तक टीके के कंटेनर को पहुंचने में 52 मिनट का समय लगा। एयरपोर्ट के टी-72 टर्मिनल से टीके का कंटेनर दोपहर 2 बजकर 17 मिनट पर निकला। यह 3 बजकर 09 मिनट पर राजीव गांधी अस्पताल पहुंचा।


ग्रीन कारिडोर पर पड़ने वाली लालबत्ती को रखा जाता है खुला

दक्षिणी रेंज के यातायात पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि किसी मरीज की जान बचाने के लिए आवश्यक वस्तु को जल्दी से जल्दी पहुंचाने के लिए ग्रीन कारिडोर बनाया जाता है। इसमें हृदय प्रत्यारोपण और गुर्दा प्रत्यारोपण के समय अधिकतर ऐसा किया जाता है। इस दौरान ग्रीन कारिडोर के रूट पर पड़ने वाली सभी लालबत्ती को खुला रखा जाता है। साथ ही चौराहों पर यातायात बाधित न हो इसके लिए यातायात पुलिस के जवानों को तैनात किया जाता है। ग्रीन कारिडोर से गुजरने वाले वाहन की लोकेशन की जानकारी यातायात पुलिस अपने कंट्रोल रूम से संबंधित सर्किलों में भेजती रहती है, जिससे वह समय पर यातायात को नियंत्रित कर वाहन को निकालते हैं।