राजधानी के 2 करोड़ लोगों को 3-4 हफ्ते में कोरोना वैक्सीन लगा देगी सरकार : सत्येंद्र जैन

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भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है। इस बीच दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार भी कोरोना वैक्सीन वैक्सीन को लेकर उत्साहित है। शनिवार को कोरोना वैक्सीन से जुड़े एक सवाल के जवाब में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Delhi Health Minister Satyendra Jain) ने कहा-‘हमें जैसे ही वैक्सीन मिलेगी हम उसके कुछ ही हफ़्तों में पूरी दिल्ली की आबादी को वैक्सीन लगा देंगे।’ इसके साथ ही सत्येंद्र जैन ने यह भी कहा कि पालीक्लिनिक के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की मदद से दिल्ली में लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा सकेगी।

गौरतलब हैकि कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच सबकी निगाहें अब टीके की तरफ लगी है। टीके के उचित भंडारण और किसे टीका पहले लगाया जाए इसके लिए तैयारी भी चल रही है। इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में टीके के भंडारण और टीकाकरण के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचे उपलब्ध हैं, इसलिए टीका उपलब्ध होने पर दिल्ली में सभी लोगों को कुछ ही सप्ताह में टीका लगाया जा सकता है। यह इस बात पर निर्भर करेगा केंद्र सरकार से दिल्ली सरकार को कोरोना का टीका कब और कितना मिलता है।


राष्ट्रीय राजधानी होने के नाते दिल्ली को कोरोना का टीका सबसे पहले मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी टीका उपलब्ध होगा तो उसके भंडारण के लिए दिल्ली में पर्याप्त सुविधा है। टीके को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की कोई परेशानी नहीं है। टीके के साथ उसको स्टोरेज के लिए जरूरी इक्युपमेंट भी साथ आता है। इसलिए जहां से टीका आएगा वहां से उसके भंडारण के लिए भी जरूरी चीजें भी साथ आएंगी। टीका लगाने के लिए मोहल्ला क्लीनिक, डिस्पेंसरी, पॉली क्लीनिक और बहुत संख्या में अस्पताल हैं, जहां टीका लग सकता है। इसलिए टीका लगाने के लिए दिल्ली में पूरी तैयारी है। यहां इतनी सुविधाएं है कि टीका उपलब्ध होने पर कुछ ही सप्ताह में पूरी दिल्ली में टीका लगाया जा सकता है। केंद्र सरकार जितना जल्द टीका उपलब्ध कराएगी उतना ही जल्द दिल्ली के लोगों को टीका लगाया जा सकेगा। वैसे भी दिल्ली देश की राजधानी है। इसलिए टीका उपलब्ध कराने में दिल्ली को प्रमुख मिलनी चाहिए।


आरटीपीसीआर से संक्रमण दर में गिरावट

उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक दिन पहले संक्रमण दर 8.65 फीसद संक्रमण थी। इस माह सात नवंबर को सबसे ज्यादा संक्रमण दर 15.26 फीसद तक गई थी इसके बाद संक्रमण दर में कमी आई है। सात नवंबर को आरटीपीसीआर जांच से संक्रमण दर 30 फीसद थी जो अब घटकर 15.84 फीसद हो गई है। इस तरह आरटीपीसीआर जांच से भी संक्रमण दर घटकर आधी हो गई है। आरटीपीसीआर जांच बढ़ी भी है। कुल मिलाकर संक्रमण दर में करीब 45 फीसद की कमी आई है। उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना के मौजूदा ट्रेंड पर नजर बनाई हुई है। एक दिन की स्थिति के आधार पर कुछ फैसले नहीं लिए जा सकते।


पिछले दो दिन में संक्रमण दर नौ फीसद से कम रही है। अगले कुछ दिन में कैसी स्थिति रहती है उस पर नजर रखी जाएगी। देखते हैं कि संक्रमण दर कम होने का सिलसिला आगे जारी रहता है या नहीं। दिल्ली में देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले चार गुना जांच हो रही है। अभी 57 लाख लोगों का घर-घर सर्वे किया गया। इनमें से करीब 13 हजार संदिग्ध मरीज मिले, जिन्हें कोई न कोई लक्षण था। उनमें से करीब 1200 लोग ही पॉजिटिव पाए गए। इसलिए ऐसा लग रहा है कि संक्रमण दर कम हो रही है।


सात दिन में लगातार सात हजार से कम मामले

उन्होंने कहा कि इस माह पहली बार ऐसा हुआ जब सात दिन से लगातार कोरोना के सात हजार से कम मामले आए हैं। नवंबर में इससे पहले ऐसा नहीं हुआ था। लेकिन पिछले एक सप्ताह में किसी भी दिन कोरोना के मामले सात हजार नहीं पहुंचे।