यूपी गेट पर पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर, किसानों की मांगों को किया समर्थन

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हरियाणा के निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान किसानों के समर्थन मनोहर लाल सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर वह सरकार से समर्थन वापस ले रहे हैं। वहीं, दिल्ली में सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन में शामिल समूहों ने बैठक कर ये फैसला किया है कि वो सरकार के साथ होने जा रही बैठक में हिस्सा लेंगे। ये बैठक 3 बजे होनी है। किसान टीकरी बॉर्डर, यूपी गेट और सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानून में संशोधन को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। तीन दिनों से इनका धरना जारी है। प्रशासन ने इन किसानों को दिल्ली में आने से रोकने के लिए बेरिकेड कर रखे हैं। वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने उनके घर गए हैं। कृषि कानूनों पर दोनों नेताओं के बीच चर्चा होगी। उसके बाद तीन बजे किसानों के साथ कृषि मंत्री मीटिंग करेंगे।

आम आदमी पार्टी के तिलक नगर से विधायक जनरैल सिंह मंगलवार को किसानों के समर्थन में कनॉट प्लेस पहुंचे। मानव श्रृंखला बनाने से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। विधायक ने कहा कि देश के किसानों के साथ केंद्र सरकार गलत कर रही है। कई दिनों से बॉर्डर इलाके में ठंड में किसान बैठे हैं। सरकार को किसानों के बारे में सोचना चाहिए। बता दें कि 3 कृषि कानूनों को रद करने की मांग को लेकर शुरू हुआ किसान आंदोलन 6वें दिन में प्रवेश कर गया है। टीकरी और सिंघु बॉर्डर के साथ अब दिल्ली-यूपी गेट पर भी किसानों की संख्या बढ़ने लगी है। इस बीच दिल्ली ऑटो रिक्शा यूनियन और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के महामंत्री राजेंद्र सोनी (Rajendar Soni, Mahamantri, Delhi Autorickshaw Union & Delhi Pradesh Taxi Union) ने कहा है कि हम प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन में हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि दिल्ली ऑटो रिक्शा और टैक्सी की हड़ताल नहीं होने जा रही है। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते 4 महीने से तो वैसे भी खाली बैठे थे ऐसे में हड़ताल को नहीं झेल पाएंगे।


उधर, सिंघु बॉर्डर की तरफ से दिल्ली में जबरन प्रवेश करने के दौरान किसानों की तरफ से की गई हिंसा के खिलाफ अलीपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज व अन्य स्रोतों से मिले सबूतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।

पंजाब किसान यूनियन के स्टेट प्रेसीडेंट आरएम मंशा ने बताया कि वो सरकार के साथ 3 बजे होने वाली मीटिंग में हिस्सा लेंगे। वो इस मीटिंग में हिस्सा लेकर अपनी बात रखेंगे। वहीं, पंजाब किसान संघर्ष समिति के संयुक्त सचिव (Sukhvinder S Sabhran, Jt Secy, Punjab Kisan Sangarsh Committee) ने बताया है कि देश में किसानों के 500 से अधिक समूह हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने केवल 32 समूहों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। बाकी को सरकार द्वारा नहीं बुलाया गया है। हम तब तक बातचीत नहीं करेंगे, जब तक सभी समूहों को नहीं बुलाया जाता है। ऐसे में बैठक को लेकर असमंजस है कि क्या किसान संगठन में इसमें शामिल होंगे।


दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर जमा होने लगे किसान

उत्तर प्रदेश के किसानों ने भी यूपी गेट पर कृषि कानूनों को रद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। यहां पर धीरे-धीरे किसानों की संख्या बढ़ने लगी है।

लाईन में लगे किसान

सबको अन्न देने वाले किसानों को अन्न के लिए लाइन में लगना पर रह है। यूपी गेट सीमा पर जैसे ही खाने की गाड़ी पहुँची तो भूखे किसानों ने लाइन में लग कर भोजन लिया।


समर्थन में आईं खाप पंचायतें

कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसानों के आंदोलन को हरियाणा की खाप पंचायतों का भी समर्थन मिल गया है। इसके साथ ही ऑल इंडिया सारथी एंड ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष बलवंत सिंह भुल्लर व दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष परमीत सिंह गोल्डी ने सिंघु बॉर्डर पर पहुंचकर किसानों का समर्थन किया। उन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार की ओर से अगर दो दिन में कृषि कानूनों को वापस न लिया गया तो दिल्ली में ट्रक, टेंपो, टैक्सी और बस सेवा बंद कर दी जाएगी और चालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने देशभर के ट्रक, टैक्सी व बस चालकों से उनका साथ देने की अपील की।