मुख्‍यमंत्रियों के साथ संबोधन में पीएम मोदी की 10 बड़ी बातें, कहा- पूरी तरह सुरक्षित होने पर ही मिलेगी वैक्सीन को अनुमति

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पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना वायरस से सबसे ज्‍यादा प्रभावित आठ राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों के साथ वचुर्अल बैठक की। इस दौरान देश में कोरेाना से बचाव के उपाय और संभावित कोरोना वैक्‍सीन के वितरण की रूपरेखा पर चर्चा की। बैठक में 10 प्‍वाइंट्स में जाने बैठक में किन बातों पर चर्चा हुई।

लोगों को लगने लगा वायरस कमजोर हो गया

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास कोरोना अब पर्याप्त आंकड़ा है, ऐसे में तैयारी पूरी करनी होगी। शुरुआत में कोरोना वायरस के प्रति लोगों में खौफ था, तब लोग डर में आत्महत्या भी कर रहे थे। उसके बाद लोगों में एक-दूसरे के प्रति संदेह हो रहा था। अब लोग कोरोना को लेकर गंभीर होने लगे हैं, लेकिन कुछ हद तक लोगों को लगने लगा है कि ये वायरस कमजोर हो गया है।

कोरेाना को लेकर राज्यों को बरतनी होगी सतर्कता


उन्‍होंने कहा कि कुछ लोग अब लापरवाही बरतने लगे हैं, ऐसे में जागरूक करना जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा कि अब हम आपदा के गहरे समंदर से किनारे की ओर बढ़ रहे हैं। जिन देशों में कोरोना कम हो रहा था वहां भी अब केस बढ़ने लगे हैं। ऐसे में हर किसी को अधिक सतर्क होना होगा। प्रधानमंत्री ने चेताते हुए कहा कि कोरेाना को लेकर राज्यों को सतर्कता बरतनी होगी, वरना कहीं ऐसी स्थिति पैदा ना हो जाए कि कहना पड़े मेरी कश्ती भी डूबी वहां, जहां पानी कम था।


राज्‍य आरटी-पीसीआर टेस्टिंग बढ़ाएं

पीएम मोदी ने राज्यों को खासतौर पर आरटी-पीसीआर टेस्टिंग बढ़ाने को कहा कि ताकि समय रहते कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज और उनके संपर्क में आने वालों का टेस्ट किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्यों को किसी भी स्तर पर पॉजिटिविटी नुपात को पांच फीसदी से आगे नहीं बढ़ने देना है। इसी तरह उन्होंने राज्यों को मृत्युदर को एक फीसद से कम रखने का लक्ष्य देते हुए इसके लिए होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की निगरानी दुरूस्त करने को कहा। फिलहाल पॉजिटिविटी का राष्ट्रीय दर 6 फीसद से अधिक है और मृत्यु दर लगभग 1.47 फीसद।


देश में लगाए जा रहे 160 नए आक्सीजन संयंत्र

आक्सीजन की कमी को लेकर उठते रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में आक्सीजन की पर्याप्त मात्रा है और इसके लिए 160 नए आक्सीजन संयंत्र लगाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की तैयारी देश से सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में अपना स्वतंत्र आक्सीजन यूनिट स्थापित करने की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्यों के अनुरोध पर पर्याप्त मात्रा में वेंटीलेटर उपलब्ध कराये जा रहे हैं।

भारत में वैक्‍सीन का बड़ा अनुभव

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वैक्‍सीन को लेकर हमारे पास जैसा अनुभव है, वो दुनिया के बड़े-बड़े देशों के पास नहीं है। हमारे लिए जितनी जरूरी तेजी है, उतनी ही जरूरी सुरक्षा भी है। भारत अपने नागरिकों को जो भी वैक्‍सीन देगा, वह हर वैज्ञानिक कसौटी पर खरी होगी।

वैक्‍सीन की कीमत अभी तय नहीं

प्रधानमंत्री ने कहा कि कौन सी वैक्‍सीन कितनी कीमत में आएगी, यह भी तय नहीं है। भारतीय मूल की दो वैक्‍सीन बनाने की रेस में आगे हैं लेकिन बाहर के साथ मिलकर के हमारे लोग काम कर रहे हैं। दुनिया में भी जो वैक्‍सीन बन रही हैं, वे भी उत्‍पादन के लिए भारतीय कंपनियों से बात कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अभी ये तय नहीं है कि वैक्‍सीन की एक डोज होगी, दो डोज होगी या तीन डोज होगी। अभी भी इन सारे सवालों के जवाब हमारे पास नहीं हैं। कंपनियों में प्रतियोगिता है, दुनिया के देशों के अपने-अपने कुटनीतिक रणनीति हो सकती है। डब्‍ल्‍यूएचओ (WHO) से भी हमें इंतजार करना पड़ता है। हमें इन चीजों को वैश्विक संदर्भ में देखना पड़ेगा।


राज्‍यों को अभी से वैक्‍सीन के वितरण की व्‍यवस्‍था करनी होगी

उन्‍होंने कहा कि जहां तक कोरोना वैक्‍सीन के वितरण की बात है, राज्‍यों के साथ मिलकर व्‍यवस्‍था की जा रही है। वैक्‍सीन प्राथमिकता के साथ किसे लगाई जाएगी, ये राज्‍यों के साथ मिलकर मोटा-मोटा खाका आपके सामने रखा गया है। हमें कितनी अतिरिक्‍त कोल्‍ड स्‍टोरेज की जरूरत रहेगी, राज्यों को इस पर काम करना शुरू कर देना चाहिए। जरूरत पड़ी तो अतिरिक्‍त सप्‍लाई भी सुनिश्चित की जाएगी। वैक्‍सीन का एक विस्‍तृत प्‍लान जल्‍द ही राज्‍यों से साझा कर दिया जाएगा।


ब्‍लॉक लेवल पर एक टीम बने

पीएम मोदी ने कहा कि मैं चाहता हूं कि कोरेाना वैक्‍सीन के वितरण के लिए ब्‍लॉक लेवल पर एक टीम बने। यह टीम वैक्‍सीन की ट्रेनिंग और वितरण को लेकर लगातार काम करेगी। कोरोना वैक्‍सीन को लेकर फैसला वैज्ञानिक तराजू पर ही तौला जाए। हम कोई वैज्ञानिक नहीं हैं। हमें व्‍यवस्‍था के तहत चीजों को स्‍वीकार करना पड़ेगा।

हर डिवलपमेंट पर बारीकी से नजर


पीएम मोदी ने मुख्‍यमंत्रियों से कहा कि आपको प्रजेंटेशन में पूरा विवरण दिया गया। वैक्‍सीन की दिशा में आखिरी स्‍तर पर काम पहुंचा है। भारत सरकार हर डिवलपमेंट पर बारीकी से नजर रखे हुए है। हम सबके संपर्क में भी हैं। हालांकि उन्‍होंने कहा कि कई चीजों को लेकर स्‍पष्‍टता नहीं है, इसलिए किसी भ्रम में न रहें।

मुख्‍यमंत्री दें लिखित में सुझाव

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में हर स्‍तर जारी है। अगर मुख्यमंत्रियों के पास कुछ और सुझाव हैं तो लिखित में उन्हें हमें में दें। देश में टेस्टिंग का नेटवर्क काम कर रहा है, देश में मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई का काम चल रहा है.