मध्य प्रदेश में दक्षिण भारत के राज्यों से मुर्गे के व्यापार पर रोक, केंद्र ने बनाया कंट्रोल रूम

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देश में कोरोना महामारी के बीच राजस्थान, मध्य प्रदेश और केरल समेत कई राज्यों में बर्ड फ्लू ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राज्यों में लगातार पक्षियों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने राज्यों से जानकारी लेने के दिल्ली में कंट्रोल रूम स्थापित किया है। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबंधित विभागों के साथ बैठक की और जिला स्तर पर निगरानी का निर्देश दिया। राज्य में दक्षिण भारत के राज्यों से मुर्गे के व्यापार पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी गई है। कई राज्यों ने मंगलवार को बर्ड फ्लू के H5N8 स्ट्रेन को नियंत्रित करने को लेकर चेतावनी जारी की और मरे हुए पक्षियों के नमूने जांच के लिए भेजे। वहीं केरल में मुर्गियों और बत्तखों को मारना शुरू कर दिया गया है। पड़ोसी राज्य की स्थिति को देखते हुए कर्नाटक और तमिलनाडु ने निगरानी बढ़ा दी है और इसे लेकर जरूरी दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।

मध्य प्रदेश : जिला स्तर पर निगरानी का आदेश

बर्ड फ्लू को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान संबंधित विभागों के साथ बैठक की मध्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि बर्ड फ्लू को लेकर आज माननीय मुख्यमंत्री जी ने उच्चस्तरीय बैठक की और निर्देश दिया कि बर्ड फ्लू के पूरे मामले की जिला स्तर पर निगरानी हो। मध्य प्रदेश की सरकार इस पूरी स्थिति का जायज़ा ले रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलों में रैंडम चेकिंग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पोल्ट्री फार्म में ये (बर्ड फ्लू) वायरस न फैले। अभी तक पोल्ट्री और मुर्गी में ये वायरस नहीं फैला है। खबर है कि केरल में खाने के पक्षियों में यह वायरस फैला है। मुख्यमंत्री का निर्देश है कि दक्षिण के राज्य केरल सहित जहां से भी सूबे में मुर्गी का आयात होता है उस पर निगरानी रखी जाए और हम सुनिश्चित करेंगे कि वायरस यहां कहीं भी न फैले।


केंद्र ने कंट्रोल रूम बनाया

राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद,भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग ने राज्य के अधिकारियों से दैनिक आधार पर जानकारी लेने के लिए नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है।

इंदौर में 155 कौवों की मौत


मध्य प्रदेश के इंदौर में एक हफ्ते पहले बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद से 155 कौवों की मौत की मौत हो गई है। वहीं राजस्थान में झालवार के बाद कोटा और बारां में पक्षियों को संक्रमित पाया गया है। हालांकि, अभी तक महाराष्ट्र में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, जो मध्य प्रदेश के साथ सीमा साझा करता है।

हरियाणा : पिछले 10 दिनों में चार लाख से अधिक मुर्गियों की मौत

केरल में फ्लू के कारण लगभग 1,700 बत्तखों की मौत हो गई। हरियाणा के पंचकुला जिले में पिछले 10 दिनों में चार लाख से अधिक मुर्गियों की मौत हो गई है। राज्य के पशुपालन और डेयरी विभाग ने कहा है कि इन पक्षियों की मौत का कारण एवियन इन्फ्लुएंजा है या नहीं? इसकी अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार इनके नमूने जालंधर में रिजनल डिजीज डायग्नोस्टिकलेब्रोटेरी को भेजे गए हैं। रिपोर्ट का अभी इंतजार है।


हिमाचल प्रदेश 2,700 प्रवासी पक्षी मृत पाए गए

हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों ने कांगड़ा जिले के पोंग डैम झील अभयारण्य के आसपास के क्षेत्र का सर्वेक्षण किया, ताकि वहां पर घरेलू पक्षियों में फ्लू के प्रसार की जांच की जा सके। इससे एक दिन पहले मृत प्रवासी पक्षी बर्ड फ्लू से संक्रमित पाए गए थे। समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार राज्य के पशुपालन अधिकारियों ने कहा कि अब तक 2,700 प्रवासी पक्षी इस झील क्षेत्र में मृत पाए गए हैं और इनके नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।


केरल में पक्षियों को मारना शुरू

केरल में अलाप्पुझा और कोट्टायम में प्रभावित क्षेत्रों के एक-एक किलोमीटर के दायरे में पक्षियों को मारने का ऑपरेशन शुरू किया गया था। एक दिन पहले इन दो जिलों में भोपाल में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिसीज में नमूनों के परिणामों की पुष्टि हुई। अधिकारियों के अनुसार प्रशासन द्वारा गठित रैपिड रिस्पांस टीमों ने दिशा-निर्देशों के अनुसार बतख, मुर्गियों और अन्य घरेलू पक्षियों को मारना शुरू कर दिया है।