भारत सरकार की वजह से BCCI को हो सकता है 905 करोड़ का नुकसान, जानिए वजह

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गुरुवार 24 दिसंबर को अहमदाबाद में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) हुई। इस बैठक में तमाम मुद्दों का हल निकाला गया है। इसी दौरान बीसीसीआइ को वो अहम फैसला भी लेना पड़ा, जिसकी वजह से बोर्ड को 900 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो सकता है, क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आइसीसी ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड को एक समय सीमा दी हुई थी।

दरअसल, आइसीसी ने बीसीसीआइ से पिछले कुछ महीने पहले कहा था कि अगर भारत को आइसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2021 और आइसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 की मेजबानी करनी है तो फिर ऐसे में आइसीसी को कर में छूट (tax exemption) चाहिए होगी। अगर भारतीय क्रिकेट बोर्ड ऐसा नहीं करता है तो फिर इन दोनों विश्व कपों का आयोजन भारत की बजाय संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में किया जाएगा।

हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भारत में ही अगले साल टी20 विश्व कप और फिर 2023 में होने वाले वनडे विश्व कप के आयोजन के लिए रास्ता खोज लिया है। एजीएम में ये फैसला लिया गया है कि बीसीसीआइ सचिव जय शाह और कोषाध्यक्ष अरुण धूमल केंद्र सरकार से टी20 विश्व कप 2021 और वनडे विश्व कप 2023 को लेकर कर में छूट देने को लेकर बात करेंगे। दोनों ही विश्व कप भारत की मेजबानी में होने हैं।


वहीं, अगर भारत सरकार कर में छूट नहीं देती है तो फिर इस स्थिति में बीसीसीआइ को बड़ा नुकसान होगा। अगर केंद्र सरकार ने टी20 और वनडे विश्व कप के लिए कर में छूट नहीं दी तो फिर बीसीसीआइ इस बात पर राजी हो गई है कि आइसीसी उसके राजस्व में से 123 मिलियन अमरीकी डॉलर (करीब 905 करोड़ रुपये) की कटौती कर सकती है। इससे बोर्ड को 900 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने की संभावना है।

बीसीसीआइ और आइसीसी के बीच कर में छूट का विवाद साल 2016 में हुए टी20 वर्ल्ड कप से चला आ रहा है, जिसकी मेजबानी भारत ने की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने कर में छूट नहीं दी थी। इसके कारण आइसीसी को बड़ा नुकसान हुआ था और आइसीसी ने बीसीसीआइ के राजस्व में कटौती करने की बात कही थी।