भारत में 8 कोविड वैक्सिन हो रही विकसित, जल्द मिल सकती है मंजूरी; जानें अपडेट

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भारत में कोविड वैक्‍सीन के इमरजेंसी इस्‍तेमाल की मंजूरी जल्‍द दी जा सकती है। देश अब तक तीन कंपनियों- फाइजर इंडिया, भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने इसके लिए आवेदन दिया है। सेंट्रल ड्रग्‍स स्‍टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट से उनके टीकों का एडिशनल सेफ्टी और एफेकसी डेटा मांगा है। फाइजर के आवेदन पर कोई विचार नहीं हुआ, क्‍योंकि कंपनी ने प्रजेंटेशन के लिए और वक्‍त मांगा है। दूसरी तरफ, केंद्र सरकार की तरफ से उन रिपोर्ट्स को बेबुनियाद बताया गया है, जिसमें कहा गया था कि भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट के आवेदन खारिज हो गए हैं। बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ भारत में 8 कंपनियां कोविड वैक्सीन विकसित करने में लगी हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण हो जाता है कि भारत में वैक्सीन का टीका कब मिलेगा और उसके विकास का काम कहां तक पहुंचा।


आइए जानते हैं कि किस स्टेज में है कौन-सी वैक्सीन…

  1. कोविशील्ड वैक्सीन चिम्पैंजी के एडेनोवायरस पर आधारित है, जिसे पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर विकसित कर रही है। कंपनी की ये वैक्सीन ट्रायल के अपने दूसरे और तीसरे चरण में है। कंपनी ने भारत में इमरजेंसी यूज के लिए अप्लाई किया है।
  2. कोवाक्सिन कोरोना वायरस के इनएक्टिवेटेड वायरस पर आधारित है। इसे हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के साथ मिलकर बना रही है। कोवाक्सिन ट्रायल के तीसरे चरण में है।कंपनी ने इमरजेंसी यूज के लिए भी अप्लाई कर रखा है।
  3. जाइकोव-डी डीएनए आधारित कोरोना वायरस वैक्सीन है, इसे अहमदाबाद की कैडिला हेल्थकेयर, बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के साथ मिलकर बना रही है। वैक्सीन ट्रायल के तीसरे दौर में है।
  4. रूस की स्पूतनिक-V वैक्सीन ह्यूमन (मानव) एडेनोवायरस पर आधारित वैक्सीन है। रूस की गमालेया नेशनल सेंटर के साथ मिलकर भारत में हैदराबाद स्थित डॉ. रेड्डीज लैब विकसित कर रही है। वैक्सीन के ट्रायल का दूसरा चरण पूरा हो चुका है। अगले सप्ताह से तीसरा चरण शुरू होगा।
  1. NVX-CoV2373 वैक्सीन प्रोटीन के सब यूनिट पर आधारित है और इसे नोवावैक्स के साथ मिलकर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया विकसित कर रहा है। भारत में इसके तीसरे चरण के ट्रायल की तैयारियां चल रही हैं।
  2. Recombinant Protien Antigen आधारित कोरोना वायरस वैक्सीन को हैदराबाद की कंपनी बायोलॉजिकल ई लिमिटेड, एमआईटी यूएसए के साथ मिलकर तैयार कर रही है। इस वैक्सीन का जानवरों पर ट्रायल पूरा हो चुका है। वैक्सीन अपने ह्यूमन ट्रायल के पहले और दूसरे चरण में है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है।
  1. HGCO 19 वैक्सीन mRNA आधारित वैक्सीन है, जिसे पुणे की कंपनी Genova अमेरिकी कंपनी HDT के मिलकर विकसित कर रही है। जानवरों पर इस वैक्सीन का ट्रायल पूरा हो चुका है। ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल का पहला और दूसरा चरण अभी शुरू होने वाला है।
  2. Inactivated rabies vector platform नाम की इस कोरोना वायरस वैक्सीन को हैदराबाद की भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड अमेरिका की थॉमस जैफरसन यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर बना रही है। वैक्सीन अपने प्री-क्लिनिकल (एडवांस्ड) स्टेज में है।