बॉर्डर पर चौकसी के साथ ही मानवीय रिश्ता कायम कर रही है दिल्ली पुलिस

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नए कृषि कानून को वापस लेने की मांग को लेकर भारी संख्या में किसान दिल्ली के विभिन्न बॉडर पर जमे हुए हैं। वहां प्रदर्शकारी किसानों की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस के कर्मियों और अर्ध सैनिक बलों की तैनाती की गई है। वहां कानून व्यवस्था को सुचारू रखने के चौकसी बरतने के साथ ही दिल्ली पुलिस किसानों से मानवीय रिश्ता कायम कर रही है।

कोरोना बीमारी से बचाने के लिए खुद को सुरक्षित रखते हुए कर्मी किसानों को भी इसके प्रति जागरूक कर रहे हैं। यही नहीं किसानों के बीच मास्क बांटे जाने के अलावा किसान और लोगों के बीच नाश्ता और चाय इत्यादि का वितरण भी किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता और डीसीपी डॉ. ईश सिंघल ने बताया कि गत नवंबर के अंत में कृषि कानून के विरोध में पंजाब व हरियाणा के किसान दिल्ली से सटे सिंघू बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, चिल्ला और गाजीपुर बॉडर पर पहुंचे थे। उस वक्त से ही वहां दिल्ली पुलिस की तैनाती जारी है। पुलिस कर्मी इस भीषण ठंड में वहां रात दिन सेवा दे रहे हैं। वहां पुरुष सहित महिला पुलिसकर्मियों के अलावा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।


दिल्ली पुलिस के अधिकारी और कर्मी किसानों के प्रति संयमित रुख अपना रहे हैं और चाहते हैं कि वहां शांति बनी रहे। असमाजिक तत्वों को बॉडर से दूर रखने के मकसद से पुलिस लगातार संदिग्धों पर नजर रख रही है। वहीं, इस दौरान सबसे बड़ा खतरा कोरोना संक्रमण का है। ड्यूटी पर तैनात कई बड़े पुलिस अधिकारी सहित कर्मी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं।

लिहाजा उनका प्रयास है कि किसान कोरोना से बचे रहें। इसके लिए किसानों को शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। वहीं, पुलिस उन्हें मास्क भी उपलब्ध करा रही है। बीमार किसानों का कोरोना परीक्षण करवाया जा रहा है। ठंड में समय-समय पर किसानों को दिल्ली पुलिस द्वारा चाय और नाश्ता भी परोसा जा रहा है।