बीटिंग रिट्रीट समारोह में दिखेगी ‘स्वर्णिम विजय’ रचना, पाकिस्तान पर भारत की जीत के 50 साल का मनेगा जश्न

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इस साल बीटिंग रिट्रीट समारोह(Beating Retreat Ceremony) के समापन के अवसर पर पाकिस्तान पर भारत की 1971 की जीत के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष नई रचना ‘स्वर्णिम विजय’ बनाई जाएगी। चार दिवसीय 72वें गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के मौके पर 29 जनवरी को इसका प्रदर्शन किया जाएगा।

बीटिंग रिट्रीट समारोह(Beating Retreat Ceremony) के समापन के मौके पर इस रचना का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल विमल जोशी और हवलदार जीवान रासली के नेतृत्व में किया जाएगा। इसका प्रदर्शन ऐतिहासिक विजय चौक पर एक त्वरित मार्च के दौरान किया जाएगा। इस वर्ष की अन्य नई रचनाओं में वायु सेना बैंड में- तिरंगा सेनानी और निदा योधा, नेवी बैंड भारत वंदना, सेना मिल बैंड में। गरुड़ प्रहार और सम्बोधन इको और मैसेंज बैंड होंगे।

इस साल के बीटिंग रिट्रीट समारोह में कुल 60 बुग्लर्स, 17 ट्रम्पेटर्स और 60 ड्रमर भाग लेंगे, जो कि सेना, नौसेना और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के बैंडों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस फोर्सेस (CAPF) और दिल्ली पुलिस के बैंड के सामूहिक गठन के साथ किया जाएगा। इसके अलावा, पंजाब रेजिमेंट और राजपुताना राइफल्स के प्रत्येक 20 बैंड भी समारोह में भाग लेंगे। राजपूत रेजिमेंट के कुल 25 बैंड, बिहार रेजिमेंट के 19 बैंड और गोरखा रेजिमेंट के कम से कम 7 बैंड भी उत्सव का हिस्सा होंगे।

यह समारोह बिगुल बजाने वालों द्वारा ‘फैनफेयर’ रचना के साथ शुरू होगा और उनके द्वारा ‘सारे जहां से अच्छा’ रचना के साथ समाप्त होगा। बीटिंग रिट्रीट सदियों से चली आ रही एक पुरानी परंपरा है, जब सैनिक सूर्यास्त के समय युद्ध लड़ना रोक देते थे। इस दौरान जैसे ही बिगुल बजता था तो सैनिक युद्ध लड़ना बंद कर देते थे।

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