बिहार के दरभंगा में रेल मंत्री कोटा से नौकरी पाइये @ 07 Lakh’, जानिए सरकारी नौकरी के SALE OFFER का सच

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‘रेलवे में मंत्री कोटा से नौकरी पाइये @ 07 Lakh !’ पहली नजर में यह आपको क‍िसी कोच‍िंग का इश्‍तेहार लग रहा होगा। लेक‍िन, ऐसा नहीं है। दरअसल, दरभंगा और आसपास के ज‍िलों में सरकारी नौकरी द‍िलाने के नाम पर युवाओं को गुमराह करने वाला ग‍िरोह सक्र‍िय है। जो क‍िसी न क‍िसी बहाने में ऐसे लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख वसूलने वाले ऐसे ही ग‍िरोह का पर्दाफाश हुआ है। इसमें अलग-अलग सात लोगों से 35 लाख रुपये ठग ल‍िए गए। मामले में सिमरी थाना की पुलिस ने बिचौलिया सिमरी निवासी रघुवर दास के पुत्र बैधनाथ दास को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत भेज दिया है। मामले में बंगाल के महिला रेल अधिकारी व समेत चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें बंगाल स्थित फतेहपुर (चितरंजन)जिला के वर्द्धमान में कार्यरत महिला अधिकारी रत्ना शर्मा व उसके पति के.के शर्मा, बिचौलिया सिमरी के बैधनाथ दास व बेगूसराय खोदावंदपुर बखरा चौक निवासी महम्मदीन साह के पुत्र शाहिद हजरत उर्फ शाहिद आलम को आरोपित किया गया है। न केवल रेलवे वरन अन्‍य सरकारी सेवाओं में बहाल कराने के नाम पर अलग अलग दरों से रुपये ठगे गए हैं।

नौकरी के नाम पर ठगी के शिकार पीड़ितों में सिमरी रामसागर गुप्ता के पुत्र शिवशंकर कुमार गुप्ता व प्रमोद कुमार व बस्तवाड़ा निवासी देवनारायण साह के पुत्र गौरव कुमार के संयुक्त आवेदन पर कार्रवाई की गई है। अंकित कांड में कहा है कि गिरफ्तार आरोपी बैद्यनाथ दास ने सभी से कहा कि मेरे एक मित्र केके शर्मा हैं जो रेलवे में बड़े अधिकारी हैं। आप सभी को मंत्री कोटा से सरकारी नौकरी लगवा देंगे जिसके एवज में प्रति व्यक्ति 7-7 लाख रुपये लगेगा। इस बीच बैद्यनाथ दास ने सभी सात लोगों से पांच पांच लाख रुपये ले लिए। चितरंजन ने अपने हाथों से केके. शर्मा को रुपये देने के बाद कहा उनकी पत्नी रत्ना शर्मा रेलवे में अधिकारी है। सभी को आश्वासन देकर कहा कि और लोगों को नौकरी लगवा देंगे। यह घटना वर्ष 2015 की है।फर्जी नौकरी दिलाने के गिरोह में इनके साथ बेगूसराय का शाहिद हजरत भी शामिल है।


बता दें कि उपरोक्त शिवशंकर,गौरव, पवन के अतिरिक्त जालसाजी के शिकार होने वालों में छपरा सारण के सोनपुर निवासी स्व. यमुना दास के पुत्र मनोज कुमार,बोकारो स्टील सीटी के राजेश्वर प्रसाद के पुत्र धर्मेंद्र कुमार, पटना दानापुर झुन झुन वाला लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता के अमरेश गुप्ता,व पटना दिघा कोलोनी निवासी महानंद प्रसाद के पुत्र आनंद प्रसाद शामिल हैं। इनलोगों को चारों नामजद आरोपित ने नौकरी के नाम पर पैसा लेकर धोखाधरी व जालजासी कर फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया है। इस मामले में पीड़ित द्वारा सभी नामजद आरोपी को वकालतन नोटिस निर्गत किया गया था परन्तु किसी ने जबाब देना उचित नहीं समझा। थानाध्यक्ष हरिकिशोर यादव को सभी साक्ष्य की छाया प्रति उपलब्ध कराया गया है जिसमें नौकरी की नियुक्ति पत्र,मेडिकल जांच,के.के शर्मा का फोटो,चेक के माध्यम से 25 हजार की रीसिविंग शामिल है।