बिना किसी कारण घर से बाहर न जाएं, पहले किया गया अनुरोध, अब होगी अधिनियम के तहत कार्रवाई

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नाइट कर्फ्यू के दौरान लोग बिना किसी कारण के घर से बाहर न रहें, इसके लिए क्षेत्र की पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। हालांकि कर्फ्यू के पहले दिन पुलिस ने सख्ती के बजाय अनुरोध पर जोर दिया। जिन लोगों पर अनुरोध का असर हुआ, उनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, लेकिन जहां बात अनुरोध से बात नहीं बनी, वहां पुलिस ने महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की।
आने वाले दिनों में अब पुलिस अनुरोध के बजाय सीधे कार्रवाई करेगी। नाइट कर्फ्यू के दौरान स्थिति पर नजर रखने के लिए गश्त के अलावा सड़कों पर जगह-जगह इंटिग्रेटेड पिकेट लगाए गए हैं। राजौरी गार्डन इलाके में तो आमतौर पर बाजारों में रात में 10 बजे भी हलचल रहती है, लेकिन मंगलवार रात को पुलिस ने गश्त के दौरान सड़क पर मौजूद लोगों से स्पष्ट तौर पर कहा कि वे घर चले जाएं।


थानाध्यक्ष अनिल शर्मा स्वयं पुलिस बल के साथ क्षेत्र का दौरा कर रहे थे। इस दौरान उन्हें जहां भी दुकानें खुली नजर आईं, उन्होंने उसे तत्काल बंद कराया और हिदायत देते हुए कहा कि नाइट कर्फ्यू के दौरान नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें। इसी तरह द्वारका जिले में भी सभी थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। पुलिस की कई गाड़ियों से उद्घोषणा की जा रही थी कि लोग अपने घर चले जाएं।


उत्तम नगर इलाके में जहां आमतौर पर सड़क किनारे रात 11 बजे तक हलचल रहती है वहां पुलिस की सक्रियता के कारण स्थिति अब थोड़ी बदली नजर आ रही है। इलाके में उत्तम नगर व बिंदापुर थाना क्षेत्र के पुलिस के अधिकारी गश्त करते रहे। इसी तरह जनकपुरी थाना क्षेत्र में भी पुलिसकर्मी पूरी तरह सक्रिय नजर आए।
लोगों से हमारी अपील है कि वे नाइट कर्फ्यू का पालन करें। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जो भी उपाय निर्धारित हैं, उसका सभी पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। नाइट कर्फ्यू के पहले दिन पुलिस ने जहां जरूरत थी वहां लोगों को समझाया। पहले दिन पुलिस ने 31 लोगों के खिलाफ कानून का उल्लंघन करने पर 31 चालान व पांच एफआईआर दर्ज किए गए।
-प्रशांत गौतम, अतिरिक्त उपायुक्त, पश्चिमी जिला पुलिस

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