बजट के कई प्रविधान देंगे व्यापार करने में अधिक सुविधा’

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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के टैबलेट से निकले प्रविधानों ने ज्वेलरी बाजार में खुशी की लहर दौड़ा दी। पुरानी दिल्ली के प्रमुख ज्वेलरी बाजार कूचा महाजनी व दरीबा कलां के साथ ही करोलबाग व लाजपत नगर समेत अन्य स्थानों पर स्थित ज्वेलरी शोरूम में ज्वेलर्स चहकते मिले। सोने व चांदी में कस्टम ड्यूटी में कटौती का सीधे फायदा इन धातुओं के दाम को मिलेगा।

वैसे, इस बजट से ज्वेलरी उद्योग को पहले से ही काफी उम्मीदें थीं। राजधानी दिल्ली के प्रमुख कारोबारी और उद्योग संगठनों ने सोमवार को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए आम बजट की सराहना की है। हालांकि, उनकी उम्मीदें सरकार से और भी ज्यादा थीं। उन्होंने कहा कि बजट में उनके हित में और बेहतर कदम उठाए जा सकते थे।

लोगों की प्रतिक्रियाएं

दूरगामी सोच के साथ बनाया गया साहसिक बजट है, जिसे आत्मनिर्भर भारत का नीति पत्र कहा जा सकता है। 6.8 फीसद वित्तीय बजट घाटे का पूर्वानुमान रखते हुए भी जिस प्रकार से बुनियादी ढांचे पर भारी भरकम राशि व्यय करने का संकल्प वित्तमंत्री ने व्यक्त किया है, वह सराहनीय है।


नेशनल इन्फ्रा पाइपलाइन के अंतर्गत 7400 प्रोजक्ट रखे गए हैं। पहली बार स्वास्थ्य को बजट में इतना महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना है। आयात शुल्क के ढांचे को ठीक करने के प्रयास के साथ आयकर में सरलीकरण की बातें हैं। जीएसटी में सरलीकरण का संकल्प लिया गया है।

संपत तोषनीवाल, सचिव, लघु उद्योग भारती

आयकर के स्लैब में कोई राहत नहीं दी गई है। रियल एस्टेट, सीमेंट व स्टील पर जीएसटी कम होनी चाहिए थी, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती मिलती। होटल, इवेंट व सेवा क्षेत्र को कोरोना की सबसे ज्यादा मार पड़ी है। सरकार को इस सेक्टर के लिए अलग से राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए थी।


टैक्स आडिट के लिए पांच करोड़ की सीमा को बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है, लेकिन एक करोड़ और दो करोड़ की सीमा में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि ज्यादातर टैक्स आडिट इसी के दायरे में आते हैं। 80 सी में छूट की सीमा कई साल से डेढ़ लाख रुपये ही चली आ रही, इसको बढ़ाया जाना चाहिए था।

बृजेश गोयल, चेयरमैन, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ( सीटीआइ)

केंद्रीय बजट प्रगतिशील व व्यापक आर्थिक दस्तावेज है। यह अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र के विकास को न केवल सुनिश्चित करता है, बल्कि इसके कई प्रविधान देश के व्यापारियों को व्यापार करने में अधिक सुविधा देंगे। वरिष्ठ नागरिकों को कर के बोझ से राहत देना और स्वास्थ्य क्षेत्र और उसमें सेवाओं के मजबूत विकास को सुनिश्चित करना इस बजट की मुख्य विशेषता है।


वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को तर्कसंगत बनाने का वित्तमंत्री का बयान विरोधाभाषी है। दावे के उलट जीएसटी अत्यधिक जटिल कर प्रणाली बन गई है। आयकर में भी राहत नहीं मिली है। हम इस मुद्दे को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष रखेंगे।

-प्रवीन खंडेलवाल, महामंत्री कंफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)

आम आयकरदाताओं को 30 फीसद तक आयकर देना पड़ रहा है, जबकि कारपोरेट के लिए अधिकतम आयकर 22 फीसद ही है। बजट में पेट्रोल व डीजल पर सेस लगाने की घोषणा की गई है। इससे महंगाई बढ़ेगी। पेट्रो पदार्थो को जीएसटी के अंतर्गत लाया जाना चाहिए। 75 वर्षीय नागरिक को आयकर रिटर्न में छूट की सीमा स्वागत योग्य है, पर यह 60 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए थी।


बजट में कई सारे प्रविधान किए गए हैं, जिससे रोजगार व मेक इन इंडिया को बल मिलेगा। विदेशी कपड़ों पर आयात शुल्क का प्रविधान अच्छा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, स्टार्टअप व खेती के लिए आकर्षक प्रविधान है। आयकर में कोई परिवर्तन नहीं है।

विजय प्रकाश जैन, वरिष्ठ महामंत्री, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल

बजट में बैंकिंग के लिए सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपये निवेश करने का निर्णय लिया है। इस निवेश से बैंकों को सरकार की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में सहयोग मिलेगा। बैंक सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमियों और स्टार्टअप के लिए ऋण की जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।

सरकार ने पिछले बजट में बैंक खाता धारकों को उनके डिपाजिट की गारंटी को एक लाख से पांच लाख रुपये किया था। अब भी गारंटी नहीं है कि इसके बाद ऋण नहीं डूबेंगे। सरकार का सार्वजनिक क्षेत्र के विनिवेश में तेजी लाने का भी प्रस्ताव है, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करना अच्छा नहीं रहेगा।

अश्वनी राणा, फाउंडर, वायस आफ बैंकिंग

वित्तमंत्री ने ज्वेलरी इंडस्ट्री को काफी राहत दी है। कस्टम ड्यूटी 12.5 फीसद से घटाकर 10.75 फीसद किया है, जिससे सोने के दाम कम होंगे। इसी तरह टैक्स अधिकारी छह साल की जगह अब तीन साल तक के पुराने मामलों को फिर से खोल सकेंगे।


दो करोड़ रुपये के ऊपर कारोबार पर जीएसटी आडिट को भी समाप्त कर दिया गया है, जिससे व्यापारी का समय और पैसा दोनों बचेगा। आयकर की पांच करोड़ टर्नओवर के ऊपर आडिट की सीमा को बढ़ाकर किया 10 करोड़ रुपये प्रविधानों के साथ किया है।

योगेश सिंघल, अध्यक्ष, द बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन, कूचा महाजनी

कूचा महाजनी व दरीबा कलां के साथ ही दिल्ली भर के ज्वेलर में खुशी की लहर है। बजट से राहत की बरसात निकली है। वैसे, भी हमें इस बजट से काफी उम्मीदें थी। कस्टम ड्यूटी घटाने से सोने के दाम में प्रति 10 ग्राम एक हजार से 12 सौ रुपये का फायदा पहुंचेगा। इससे ग्राहक सोने में निवेश को ज्यादा आकर्षित होंगे। इसी तरह ज्वेलरी उद्योग व व्यापार में इंस्पेक्टर राज को कम करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। इससे बिना भय के कारोबार में मदद मिलेगी।