बच्चे कल की उम्मीद, उन्हें बचपन जीने दें अभिभावक : सत्यवीर सिंह

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आज के बच्चे कल के भविष्य हैं इसलिए उनकी जिम्मेदारी काफी है। अभिभावक बच्चों से उनका बचपन न छीनें। उन्हें अपने अंदाज में जीने दें और बच्चे भी अपने अभिभावक को समझें तथा उनसे हर बात शेयर करें। यह बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज सीनियर डिवीजन सत्यवीर सिंह ने कही। वह चंद्रा पब्लिक स्कूल में बाल दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित साक्षरता शिविर में बोल रहे थे।

श्री सिंह ने बच्चों के अधिकार व उनके संरक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने संविधान के तहत प्रदत्त शिक्षा के अधिकार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वंचित व गरीब बच्चे यदि निजी स्कूल में दाखिला लेना चाहते हैं तो सरकार के प्रावधान के अनुसार 25 फीसद सीट उनके लिए सुरक्षित है और उन्हें निश्शुल्क शिक्षा निजी स्कूलों में दी जाएगी। विद्यालय के प्रबंधक वीरेंद्र बहादुर पाल ने बच्चों के अधिकारों की जानकारी देते हुए सभी के प्रति आभार जताया। स्कूल के प्रधानाचार्य केसी पीटर ने सभी अतिथियों को बुके व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया व आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन बृजभान पाल ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की बच्चियों ने मनमोहक सामूहिक गीत प्रस्तुत किया। छात्रा बिन्नी सिंह ने बाल दिवस पर वक्तव्य दिया। कार्यक्रम को नायब तहसीलदार, समन्वयक चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, काउंसलर फेमिली कोर्ट हुमा रिजवी व हरिद्वार राय ने संबोधित किया। विनोद सिंह, श्यामसुंदर सिंह, अजय सिंह आदि अधिवक्ता उपस्थित थे।