फरीदाबाद में अस्ताचलगामी सूर्य देव को अर्घ्य देने की चल रही है तैयारी

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फरीदाबाद जिले में अस्ताचलगामी सूर्य देव को अर्घ्य देने की तैयारी चल रही है। शुक्रवार को सुबह से ही घर-घर छठ मैया के नाम की गूंज सुनाई दे रही है। छठी माइ आइली अपने हरवा कार्तिक महीना में, गाय के गोबरा से अंगना लिपायै भौरनी दुआरआरे चढ़ते कार्तिकवा ऐ दीनानाथ, मइया के महिमा सुनओ सखी जग में बा अपार, हे करेली छठ बरतिया तू केकरा लागे, केरवा जे फरेला घवद से उस पार, ओह परसुगा मंडराय, मेरी छठी मइया जैसे इन परंपरागत गीतों की गूंज शुक्रवार को जगह-जगह सुनाई दी।

दिन भर छठ मैया की गीतों पर बच्चे झूमते रहे। श्रद्धालुओं ने घरों की छतों की सफाई की। कृत्रिम तालाब बना कर पानी भरा। कई लोगों ने रबड़ व प्लास्टिक के टब का इंतजाम किया। कोरोना संकट के चलते प्रशासन की ओर से सामूहिक छठ पूजा के आयोजन की मनाही थी, इसी के चलते घर-घर छठ पूजा की तैयारी की गई।

बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं ने खरना बनाया था।

एनआइटी, ओल्ड फरीदाबाद, बड़खल, सूरजकुंड क्षेत्र, बल्लभगढ़ तथा नहर पार क्षेत्र में लगे बाजारों में लोग पूजन सामग्री की खरीदारी में जुटे नजर आए। छठ पूजा की तैयारी की तैयारी में जुटे जलेश सिंह और कविता ने बताया कि उन्होंने घर की छत पर कृत्रिम तालाब बना लिया है और शाम को सूर्य देव को अर्घ्य देंगे। छठ पूजा के दौरान मैया से सबकी मंगल कामना करेंगे। शनिवार को चार दिवसीय छठ पूजा समापन किया जाएगा।


एनआईटी जवाहर कॉलोनी निवासी राजन और हिमांशु ने बताया कि उन्होंने घर की छत पर कृत्रिम तालाब बना दिया है और इसमें पानी भर दिया गया है। ऐसे ही ग्रेटर फरीदाबाद के पार्क ग्रैंडयूरा में भी घर-घर छठ पूजा की जाएगी। स्थानीय निवासी पीके पांडे ने बताया कि छठ पूजा से पहले सूर्य देव की प्रतिमा बनाई जाती है। शाम को सूर्य देव की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाए जाएंगे उन्होंने छठ पूजन के लिए ठेकुआ का प्रसाद भी बनाया है।