प्राइमरी स्कूलों में एसओपी का पालन नहीं, जिम्मेदार बेपरवाह

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जिले में कक्षा एक से पांच तक के स्कूल खुले दो दिन हो गए। मंगलवार को अधिकतर स्कूलों में सरकार की गाइडलाइन का पालन नहीं दिखा। शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ने न तो बच्चों के लिए मास्क उपलब्ध कराए हैैं और न ही किसी स्कूल की जांच की गई। कुछ को छोड़ अधिकतर प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई हैं। बच्चे भी काफी संख्या में आ रहे हैं। कई स्कूलों में थर्मल स्कैनिंग मशीन नहीं है। हेडमास्टर से पूछने पर फंड का रोना रोया जा रहा।

शहर के कल्याणी बाड़ा प्राइमरी व आदर्श मध्य विद्यालय, हरिसभा मध्य विद्यालय, बेला छपरा प्राइमरी स्कूल सहित अन्य कई प्राइमरी व मध्य विद्यालयों में थर्मल स्कैनिंग मशीन उपलब्ध नहीं है। बच्चे पीठ पर बस्ता लेकर सीधे कक्षा में पहुंच रहे हैं। नगर बीईओ ने पूछे जाने पर कहीं व्यस्त होने की जानकारी दी। वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी अब्दुस सलाम अंसारी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। स्कूल खुलने के साथ ही सरकार के एसओपी के अनुसार डीईओ को टास्क फोर्स का गठन कर स्कूलों में कमियों को जांच कर सरकार को रिपोर्ट देना है, लेकिन डीईओ की ओर से इसकी भी कोई जानकारी नहीं दी गई। उनके मोबाइल की घंटी बजती रही, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई। कुछ प्राइवेट स्कूलों में भी थर्मल स्कैनिंग मशीन नहीं दिखी।


होली मिशन सीनियर सेकेंड्री स्कूल, इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल, शेमफोर्ड स्कूल, एजेकेशन इंडिया सहित अन्य बड़े कैंपस वाले स्कूलों में पूरी तरह एसओपी का पालन दिखा। बेला छपरा प्राइमरी स्कूल के कैंपस में अतिक्रमण की खबर दैनिक जागरण में प्रकाशित होने के बाद आसपास के लोगों ने अपने जानवर हटा लिए, लेकिन गंदगी बरकरार है। विद्यालय के चारों ओर स्थानीय लोगों के कचरा फेंके जाने से गंदगी फैली है।