पीएम ने कहा कि मोबाइल तकनीक का इस्तेमाल COVID-19 टीकाकरण अभियान के लिए किया जाना चाहिए

0 86


आज यानि 8 दिसंबर को मोबाइल इंडिया कांग्रेस इवेंट की शुरुआत हुई है और यह इवेंट 10 दिसंबर तक चलेगा। इस इवेंट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया और इस दौरान उन्होंने तकनीक जगत की सफलताओं और प्रयासों की जमकर तारीफ की। साथ ही आने वाले समय में मोबाइल जगत से काफी उम्मीदें भी जताई हैं। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने COVID-19 की वैक्सीन जल्द उपलब्ध होने की बात कही और यह भी कहा COVID-19 टीकाकरण अभियान में भी मोबाइल तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस में पीएम मोदी ने कहा कि मोबाइल तकनीक ने अरबों डॉलर के लाभ को योग्य बनाने के लिए सक्षम किया है और महामारी के दौरान गरीब और कमजोर लोगों की मदद की है। अब मोबाइल तकनीक की मदद को हम दुनिया के सबसे बड़े COVID-19 टीकाकरण अभियान में शामिल करेंगे। हालांकि COVID-19 टीकाकरण को लेकर उन्हें कोई अन्य जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।

भारत में तीन प्रमुख कोरोनावायरस वैक्सीन डेवलपर्स- फाइजर इंक और एस्ट्राजेनेका पीएलसी और भारत बायोटेक ने आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के लिए आवेदन किया है। जबकि Pfizer India ने स्थानीय क्लिनिकल परीक्षण के लिए आवश्यकता के बिना बिक्री और वितरण के लिए अपने प्रायोगिक mRNA वैक्सीन को आयात करने की अनुमति के लिए ड्रग रेगुलेटर पर आवेदन किया है, Serum Institute of India Ltd, AstraZeneca के India वैक्सीन पार्टनर ने, तीसरे चरण से डाटा का उपयोग करके आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के लिए आवेदन किया है।

मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2020 के दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘हमें भविष्य में छलांग लगाने और लाखों भारतीयों को सशक्त बनाने के लिए 5G का समय पर रोल सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है।’ साथ ही उन्होंने दूरसंचार उपकरण, डिजाइन, विकास और विनिर्माण के लिए भारत को एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिए भी काम करने को भी कहा। मोबाइल प्रौद्योगिकी पर बोलते हुए, उन्होंने कहा कि यह इस वजह से था कि सरकार लाखों भारतीयों को अरबों डॉलर का लाभ प्रदान करने में सक्षम थी।