पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए यमुना नदी के किनारे समाजसेवियों ने चलाया स्वच्छता अभियान

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कोरोना के चलते इस वर्ष सार्वजनिक रूप से छठ पूजन के किए अनुमति नहीं मिली है, बावजूद इसके छठ पूजा समिति ने विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर यमुना स्वच्छता व प्लास्टिक मुक्त अभियान में योगदान दिया। यमुना सफाई के साथ मौजूद लोगों को यज्ञ, अन्नकूट भंडारा, तुलसी वितरण और दुर्गा चालीसा वितरण भी किया। करीब 25 समाजसेवियों ने मास्क पहनकर कोरोना से बचाव के साथ यमुना के आस पास फैला कूड़ा हटाकर सफाई की।

शाहदरा के दुर्गा पूरी इलाके में रहने वाले पर्यावरण प्रेमी धीरज यादव ने बताया कि यमुना को स्वच्छ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए यह हम सभी को मिलकर हवा, पानी और धरती को स्वच्छ बनाना है। जगह जगह फैले कुड़े करकट को साफ कर पौधे लगाकर पर्यावरण को हरा भरा करना है।

पर्यावरण सरंक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक चंद्रप्रकाश ने बताया कि प्राचीन काल से नदियां पूज्यनीय रही हैं।


यमुना नदी दिल्लीवासियों के लिए जीवनदायिनी है, यह नदी ही नहीं बल्कि हमारी मां है। लेकिन लोग अपने स्वार्थ व अज्ञानता के कारण इस पावन नदी को प्रदूषित कर रहे हैं। यमुना नदी में पूजन सामग्री व कूडे़ आदि प्रवाहित किए जा रहे हैं। ऐसे में यमुना नदी को बचाने के लिए हमें घर घर जाकर जागरूकता फैलानी होगी। वहीं, पार्षद रोमेश गुप्ता ने कहा कि सरकार ने यमुना नदी की साफ सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए, लेकिन इसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर यमुना को स्वच्छ बनाने का संकल्प लें।


विभिन्न संस्थाओं का मिला साथ

प्रकृति वंदन के पर्व छठ पर स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, गांधीनगर छठ पूजा समिति ,रामदूत सेवा समिति, माधव एक सामाजिक संस्था, कैलाश नगर आरडब्लूए आदि संस्थाओं ने मिलकर यमुना के आस पास साफ सफाई की। जल विज्ञानी जीवन व महेंद्र आदि लोगों ने मिलकर इस कार्य को सफल बनाया।