नेपाल के विदेश मंत्री ज्ञवाली और एस जयशंकर की बैठक, कोविड वैक्‍सीन समेत इन महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर हुई बात

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को अपने नेपाली समकक्ष प्रदीप कुमार ज्ञवाली के साथ बैठक की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी आयामों पर चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि यह वार्ता भारत-नेपाल संयुक्त आयोग की बैठक यानी जेसीएम के ढांचे के तहत हो रही है। नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवाली बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे। वह 14 से 16 जनवरी तक भारत की यात्रा पर रहेंगे।

सामाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, भारत-नेपाल संयुक्त आयोग यानी जेसीएम की छठी बैठक के दौरान नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ज्ञवाली ने कोरोना के खिलाफ दो टीकों कोविशिल्ड और कोवैक्‍सीन के उत्पादन में उल्लेखनीय सफलता के लिए भारत को बधाई दी। यही नहीं उन्‍होंने नेपाल को कोविड वैक्‍सीन की जल्‍द डिलिवरी किए जाने के लिए भी गुजारिश की।

मालूम हो कि नेपाल ने ऑक्सफोर्ड एस्ट्रोजेनेका (Oxford AstraZeneca) की वैक्सीन कोविशील्ड(Covishield) के आपात इस्‍तेमाल की मंजूरी दे दी है। भारत में इस वैक्‍सीन का निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) कर रहा है। भारत में कल से शुरू होने वाले टीकाकरण में इस वैक्‍सीन का इस्‍तेमाल किया जाएगा।


समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और प्रदीप कुमार ज्ञवाली के बीच हुई बैठक में दोनों नेताओं ने संपर्क, अर्थव्यवस्था, कारोबार, ऊर्जा, तेल एवं गैस, जल संसाधन, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मसले, सीमा प्रबंधन, पर्यटन समेत सहयोग के अनेक पहुलुओं पर विस्तृत बातचीत की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग के सभी विषयों की समीक्षा की गई और दोस्ताना संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।


मालूम हो कि नेपाल सरकार ने पिछले साल एक नया विवादित नक्शा प्रकाशित किया था। इससे उभरे सीमा विवाद के बाद नेपाल के किसी वरिष्ठ नेता की यह पहली भारत यात्रा है। इस विवादित नक्शे में भारतीय क्षेत्र लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को नेपाल का हिस्सा दर्शाया गया था। नेपाल के इस कदम पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी… साथ ही नेपाल की ओली सरकार के दावे को खारिज कर दिया था। इस वाकए के चलते दोनों देशों में तनाव गहरा गया था।