निवार से 4 घंटे में हुई 23 सेमी बारिश, कई इलाकों में चल रही आंधी

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बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से पैदा हुआ चक्रवात ‘निवार’ रौद्र रूप धारण कर देर रात तमिलनाडु और पुडुचेरी के तट से टकराया। इस दौरान कई इलाकों में भारी बारिश हुई। हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रही। मौसम विभाग के मुताबिक ये चक्रवाती तूफान उत्तर और उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और आगे चलकर कमजोर पड़ जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि तमिलनाडु और पुडुचेरी दोनों में चक्रवात के कारण जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। हालांकि तेज हवाओं ने कई वजह पर पेड़ों को उखाड़ दिया।

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को तमिलनाडु और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से बात की और उन्हें गंभीर चक्रवाती तूफान निवार के मद्देनजर केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु और पुडुचेरी में चक्रवात की स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रही है।

हालांकि तूफान का खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। समुद्र के ऊपर अभी भी चक्रवात के कुछ हिस्से हैं। चेन्नई में तेज हवा चल रही है। अधिकारियों ने कहा कि अधिकांश तटीय क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है।

आईएमडी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान निवार अब गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। 26 नवंबर को सुबह 2 बजकर 30 मिनट पर इसकी रफ्तार 100-110 किलोमीटर प्रतिघंटे से 120 किलोमीटर प्रतिघंटे तक रही। यह चक्रवाती तूफान उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ता रहेगा और अगले कुछ घंटों में कमजोर पड़ जाएगा।

तूफान के कारण कई ट्रेनें रद

एक लाख से अधिक लोगों को निकालकर शिविरों में खा गया था। तूफान को देखते हुए दक्षिण-पश्चिम रेलवे ने दर्जन भर से अधिक ट्रेनों को रद कर दिया है। चेन्नई से गुरुवार सुबह 9 बजे तक विमानों का संचालन बंद कर दिया गया है। रेलवे ने कहा है कि जो ट्रेनें रद की गई हैं, यात्रियों को उनका पूरा किराया वापस कर दिया जाएगा। यात्रा की तारीख से छह महीने के भीतर पैसे वापस लिए जा सकते हैं।


3 जिलों में आज छुट्टी की घोषणा

निवार चक्रवात को देखते हुए तमिलनाडु के 13 जिलों में आज छुट्टी की घोषणा की गई है। पुडुचेरी और कराइकल क्षेत्र में भी अवकाश घोषित किया गया है। बच्चों समेत एक लाख से अधिक लोगों को प्रभावित इलाकों से निकालकर एक हजार राहत शिविरों में रखा गया है। प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई है।