निजामुद्दीन मरकज में नमाज पढ़ने की मिल सकती है सशर्त अनुमति, केंद्र ने हाई कोर्ट में दी जानकारी

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केंद्र सरकार निजामुद्दीन मरकज में नमाज पढ़ने की सशर्त अनुमति दे सकती है। केंद्र ने बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि वक्फ बोर्ड द्वारा चुने गए 50 लोगों को आने वाले त्यौहारी सीजन के दौरान मरकज में नमाज अदा करने की अनुमति दी जा सकती है। जिन 50 लोगों को मरकज में नमाज पढ़ने के लिए जाना है उनकी सूची स्थानीय एसएचओ को देनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होगी।

केंद्र की ओर से पेश अधिवक्ता रजत नायर ने अदालत को बताया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड को इलाके के पुलिस स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) को 50 नामों को सौंपना होगा जो मस्जिद में नमाज पढ़ना चाहते हैं।

बता दें कि दिल्ली वक्फ बोर्ड ने निजामुद्दीन मरकज को खोलने की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।दिल्ली वक्फ बोर्ड की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट से कहा कि 13 अप्रैल से रमजान शुरू हो रहे हैं। जबकि अगले सप्ताह शब-ए-बारात (shab-e-barat) है। इस दौरान लोग मरकज में नमाज पढ़ना चाहते हैं। इसलिए मरकज में नमाज पढ़ने की अनुमति दी जाए। इस पर हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था।


पिछले साल 31 मार्च से बंद है निजामुद्दीन मरकज

बता दें कि पिछले साल 31 मार्च को पुलिस ने लॉकडाउन और कोरोना नियमों के उल्लंघन के आरोप में निजामुद्​दीन मरकज को सील कर दिया था। पुलिस का आरोप था कि मरकज में ठहरे लोगों ने कोरोना गाइडलाइन्स का पालन नहीं किया। लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया जिससे दिल्ली में कोरोना वायरस तेजी से बढ़ा। इस मामले में तब्लीगी जमात से जुड़े कई लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी। कई लोगों पर बिमारी को फैलाने का आरोप भी लगा था। आरोप है देश-विदेश से आए जमातियों ने नियमों का उल्लंघन किया। पुलिस ने इस संबंध में मरकज प्रमुख मौलाना साद समेत कई लोगो के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था। कई लोग गिरफ्तार भी किए गए थे। हालांकि साद को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पायी थी।