नांगलोई में ट्रैक्टर मार्च को रोकने के लिए महिला पुलिसकर्मी सड़क पर बैंठी

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तीन कृषि कानूनों को खत्म किए जाने के विरोध में किसानों का ट्रैक्टर मार्च आक्रामक हो गया। राजधानी और एनसीआर के इलाके में किसान और पुलिस कर्मियों के बीच हाथापाई हुई और कई जगह माहौल खराब हो गया। उधर नांगलोई में किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने भी अलग तरीका अपनाया। यहां से गुजरने वाले किसानों के ट्रैक्टर मार्च को रोकने के लिए महिला पुलिसकर्मी भी सड़क पर बैठ गई।

एएनआइ के अनुसार यहां से किसानों की ट्रैक्टर रैली गुजरने वाली थी। किसान दिल्ली की सीमा में प्रवेश करना चाह रहे थे। किसानों को ट्रैक्टर रैली करने के लिए पहले ही रूट तय कर दिए गए थे मगर वो नहीं मान रहे थे। वो दिल्ली की सीमा में रैली करना चाह रहे थे जिसकी वजह से पुलिसकर्मियों को किसानों को रोकने के लिए ये कदम उठाना पड़ा।


ट्रैक्टर परेड के मसले पर किसान संगठनों और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के बीच कुल 37 प्वाइंट पर दिल्ली की सीमाओं में प्रवेश करने को लेकर करार हुआ है। करार में यह भी साफ साफ बता दिया गया है कि

तय NOC के मुताबिक अगर एक भी मुद्दे पर /पॉइंट पर अगर अवहेलना किया जाएगा तो तय NOC को रद माना जायेगा। हर सीमा से पांच- पांच हजार ट्रैक्टरों और पांच हजार लोगों को ही दिल्ली पुलिस द्वारा दिल्ली की सीमाओं में घुसने की अनुमति दी गई है।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, सिंघु बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर इन तीनों बॉर्डर से पांच हजार ट्रैक्टर और पांच हजार लोगों को प्रत्येक बॉर्डर से दिल्ली के अंदर प्रवेश करने की अनुमति प्रदान की गई है

इस तरह तीनों बॉर्डर से कुल 15 ,000 ट्रैक्टर को दिल्ली प्रवेश करने की अनुमति प्रदान की गई है।



तय अनुमति पत्र/ NOC के मुताबिक. दोपहर 12 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक के लिए ही टैक्टर परेड की अनुमति दी गई है। किसान नेताओं से यह भी कहा गया है कि वे ढाई हजार वालंटियर सभी रूटों लगाएं।

परेड के दौरान आंदोलनकारियों को एक लेन छोड़नी पड़ेगी, एम्बुलेंस या इमरजेंसी वाहन के लिए। कोई आपत्तिजनक पोस्टर या बैनर किसी भी वाहन में नहीं लगाना होगा। रैली में कोई ड्रग्स/ शराब का सेवन नहीं करेगा। कोई भी शख्स गाड़ी के साथ स्टंट नहीं करेगा। कोई भी विस्फोटक सहित हथियार अपने साथ लेकर परेड में नहीं आएगा।