देश के पूर्वोत्तर व सुदूर क्षेत्रों के कॉलेजों की मदद करेगा डीयू, छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत

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दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के चार कॉलेजों और एक विभाग ने हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु व लद्दाख के सात शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग का बीड़ा उठाया है। इन संस्थानों के छात्र डीयू के शिक्षकों से शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही डीयू की प्रयोगशालाओं का भी इस्तेमाल कर पाएंगे।

डीयू के कार्यवाहक कुलपति प्रो. पीसी जोशी ने बताया कि यह पहल विद्या विस्तार योजना के तहत की गई है। देश के सभी कालेजों में शोध के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। ऐसे में इस योजना के तहत डीयू के कॉलेजों के सहयोग से भारत के पूर्वोत्तर व अन्य सुदूर क्षेत्रों के कॉलेजों में अकादमिक सहयोग व संयुक्त शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। कॉलेजों या विभाग चाहें तो मिलकर साझा पाठ्यक्रम भी शुरू कर सकते हैं। ये कॉलेज छात्र व शिक्षकों का भी परस्पर आदान-प्रदान करेंगे।

योजना के तहत डीयू के कॉलेजों देश के सुदूर क्षेत्र के कम से कम एक कालेज को अकादमिक सहयोग के लिए चुनेंगे। इसके अलावा डीयू के विभिन्न विभाग देश के किसी विश्वविद्यालय के विभाग का चयन करेंगे।


डीयू के कालेज इन कालेजों का करेंगे सहयोग

भास्कराचार्य कॉलेजों आफ अप्लायड साइंसेज ने गवर्नमेंट कॉलेज बोमडीला, वेस्ट कामेंग, अरुणाचल प्रदेश को सहयोग के लिए चुना है। विवेकानंद कॉलेज ने सरकारी माडल कॉलेज, देईचौर, असम को चुना है। हंसराज कॉलेज ने गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, अखंड चंडी पैलेस, चंबा, हिमाचल प्रदेश, गवर्नमेंट कॉलेज, इचौली अरुणाचल प्रदेश और गवर्नमेंट कॉलेज द्रास, लद्दाख का सहयोग करने का फैसला किया है। शिवाजी कॉलेज ने सहयोग के लिए हिमालयन डिग्री कॉलेज, राजौरी, जम्मू कश्मीर का चयन किया है। वहीं, डीयू के प्रौढ़ सतत शिक्षा एवं प्रसार विभाग ने डिंडीगुल, तमिलनाडु में स्थित गांधीग्राम रूरल इंस्टीट्यूट के लाइफ लांग लर्निग एंड एक्सटेंशन विभाग के साथ सहयोग का फैसला किया है।