दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह का कार्यकाल 30 सितंबर तक बढ़ाया गया

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दिल्ली मेट्रो रेल निगम (Delhi Metro Rail Corporation) के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह को 6 माह सेवा विस्तार मिला है। वह 30 सितंबर तक पद पर बने रहेंगे। 31 मार्च को वह सेवानिवृत्त हो रहे थे। इससे पहले केजरीवाल सरकार ने मंग्गू सिंह को सेवा विस्तार के लिए दे दी थी। इसके केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से सेवा विस्तार देने के लिए सिफारिश की थी। जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है।

डीएमआरसी पूर्व प्रबंध निदेशक ई श्रीधरन के बाद दिसंबर 2011 में मंगू सिंह प्रबंध निदेशक बने। उनके नेतृत्व में दिल्ली मेट्रो के फेज तीन के नेटवर्क का विकास हुआ। 2017 में उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था। तब उन्हें तीन साल के लिए सेवा विस्तार दिया गया था। यह कार्यकाल भी दिसंबर 2020 में समाप्त हो गया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने उन्हें तीन माह के लिए सेवा विस्तार दिया।

वहीं, किसी नए प्रबंध निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं होने की वजह से दिल्ली सरकार ने उन्हें सितंबर तक प्रबंध निदेशक बनाए रखने का फैसला किया है और स्वीकृति के लिए फाइल केंद्र सरकार को भेजी है। मेट्रो में प्रबंध निदेशक दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि होते हैं। इसलिए कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार से दिल्ली सरकार की सिफारिश को स्वीकृति मिलने में देर नहीं होगी।


इस पत्र में दिल्ली सरकार की ओर से कहा गया था कि क्योंकि डीएमआरसी के एमडी के स्थान पर अन्य अधिकारी को नियुक्त करने की प्रक्रिया अभी शुरू तक नहीं है और ऐसे में इसमें काफी समय भी लग सकता है। ऐसे में दिल्ली सरकार ने अनुरोध किया था कि मंगू सिंह को आगामी 30 सितंबर तक इस पर बनाए रखा जाए।

यहां पर बता दें कि डीएमआरसी का एमडी रहने के दौरान मंगू सिंह के नाम कई उपलब्धियां हैं। 2011 में ई.श्रीधरन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंगू सिंह को ये जिम्मेदारी दी गई थी। एक दशक के दौरान दिल्ली मेट्रो ने इतिहास रचते हुए कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आने वाले एक-दो साल के भीतर दिल्ली मेट्रो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सेवा बन जाएगी। ऐसे दिल्ली मेट्रो के चौथे फेज का काम पूरा होते ही हो जाएगा।


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डीएमआरसी के एमडी मंगू सिंह का कार्यकाल पिछले वर्ष दिसंबर में पूरा हो गया था, लेकिन 15 मार्च तक सेवा विस्तार दिया गया था।
अब दिल्ली सरकार ने मंगू सिंह को ही आगामी 30 सितंबर तक इस पद पर बनाए रखने का फैसला किया है।
दिल्ली सरकार की ओर से ट्रांसपोर्ट विभाग के डिप्टी कमिश्नर ने इस बारे में मंत्रालय को पत्र भेजा है।
2011 में ई.श्रीधरन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंगू सिंह को ये जिम्मेदारी दी गई थी।
गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो का प्रबंध निदेशक दिल्ली सरकार का नॉमिनी होता है। इस पर सिर्फ केंद्र सरकार की सहमति लेनी होती है। ऐसे में दिल्ली में अधिकारों को लेकर छिड़ी जंग के बीच क्या केंद्र सरकार मंगू सिंह का सेवा विस्तार बढ़ाने पर राजी हो जाएगी? इस पर राजनीति के जानकारों की भी नजरें हैं।