‘दिल्ली में कर्फ्यू लगाने पर फिलहाल कोई चर्चा नहीं’ AAP सरकार ने हाई कोर्ट को बताया

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राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार बढ़ते मामले के बीच आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली होई कोर्ट में अहम बयान दिया है। दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट में बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राजधानी में कर्फ्यू लगाने को लेकर अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है। इतना ही नहीं, कोर्ट में दिल्ली सरकार ने यह भी कहा कि ऐसा निर्णय कोरोना की स्थिति पर निर्भर करता है। दरअसल, गुजरात और मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में रात का कर्फ्यू लगाया जा रहा है। इस बाबत दिल्ली हाई कोर्ट ने सवाल किया था।

दिल्ली सरकार ने दो हफ्ते में बढ़ाए 1,300 आइसीयू बेड

दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में बीते दो हफ्तों के दौरान संक्रमितों के लिए 2000 सामान्य और 1300 आइसीयू बेड बढ़ाए गए हैं। बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और मृत्यु दर कोकम करने के लिए दिल्ली सरकार तमाम प्रयास कर रही है। अधिकारी ने बताया कि जो बेड बढ़ाए गए हैं। उसमें सबसे ज्यादा 232 आइसीयू बेड जीटीबी अस्पताल में बढ़ाए गए हैं। इसके बाद इसी अवधि में लोकनायक अस्पताल में 200 आइसीयू बेड बढ़ाए गए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी के अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए फिलहाल 9,000 सामान्य बेड और एक हजार से ज्यादा आइसीयू बेड उपलब्ध हैं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोविड-19 समीक्षा बैठक के दौरान मंगलवार को केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से एम्स और सफदरजंग जैसे केंद्र सरकार द्वारा संचालित अस्पतालोंमें 1000 आइसीयू बेड दिल्लीवालों के लिए आरक्षित करने का भी अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर की अधिक गंभीरता के कई कारण हैं, जिनमें से प्रदूषण सबसे प्रभावी कारक है।

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