दिल्ली पुलिस के स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी

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 मंगलवार को दिल्ली पुलिस का 74वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है।  दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सलामी ली। इस मौके पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्वत ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने सराहनीय तरीके से COVID19 लॉकडाउन से निपटा। ‘दिल की पुलिस’ का खिताब अर्जित किया। गृह मंत्री अमित शाह ने भी पुलिस बल के प्रयासों की सराहना की है। हमने इस दौरान 34 पुलिस कर्मियों को खो दिया, जो बेहद दुखद रहा। 

दरअसल, दिल्ली पुलिस के पहले प्रमुख डीडब्ल्यू मेहरा को 16 फरवरी को नियुक्त किया गया था। इसलिए यह दिन दिल्ली पुलिस के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1 जुलाई 1978 में दिल्ली पुलिस एक्ट पारित होने पर जे.एन. चतुर्वेदी दिल्ली पुलिस के पहले आयुक्त नियुक्त किए गए थे।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर दिल्ली पुलिस को 74वें स्थापना दिवस पर बधाई दी है। अमित शाह ने ट्वीट किया है-‘ @DelhiPolice के 74वें स्थापना दिवस पर सभी कर्मियों और उनके परिजनों को हार्दिक शुभकामनाएं। विपरीत परिस्थितियों में भी देश की राजधानी की सुरक्षा व शांति-व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः समर्पित दिल्ली पुलिस के बहादुर जवानों के साहस, संयम व संकल्प को सलाम करता हूं।’

गौरतलब है कि वर्ष 1966 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस की समस्याओं को सुलझाने के लिए जस्टिस डीसी खोसला की अध्यक्षता में दिल्ली पुलिस आयोग का गठन किया गया और इस रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली पुलिस को पुनर्गठित किया गया और इसे चार जिलो में बांट दिया गया था। दिल्ली पुलिस की ताकत वर्तमान में 80,000 से भी ज्यादा है।  फिलहाल दिल्ली पुलिस में 3 रेंज, 11 जिले और 180 पुलिस स्टेशन हैं।

यह जान लेना जरूरी है कि दिल्ली के पहले कोतवाल मलिक उल उमरा फखरूद्दीन थे। बताया जाता है कि 1237 में 40 की उम्र में मलिक उल उमरा फखरूद्दीन कोतवाल बने थे। कोतवाल के साथ उन्हें नायब ए गिब्त (रीजेंट की गैरहाजिरी में) भी नियुक्त किया गया था। अपनी ईमानदारी के कारण ही वह तीन सुलतानों के राज-काल में लंबे अर्से तक इस पद पर रहे।

  • 1912 के गजट के अनुसार उस समय दिल्ली की पुलिस का नियत्रंण एक डीआईजी रैंक के अधिकारी के हाथ में होता था।
  • दिल्ली शहर में सिर्फ तीन थाने कोतवाली,सब्जी मंडी और पहाड़ गंज थे। सिविल लाइन में पुलिस बैरक थी ।
  • देहात इलाके के लिए 1861 में बना नांगलोई थाना 1872 तक मुंडका थाने के नाम से जाना जाता था।
  • दिल्ली पुलिस का 1946 में पुनर्गठन किया और पुलिसवालों की संख्या दोगुनी कर दी गई।