दिल्ली के 2 करोड़ लोगों को पंजाब-हरियाणा ने दी राहत, गर्मियों के दौरान नहीं होगी पानी की कमी

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देश की राजधानी दिल्ली के 2 करोड़ लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। गर्मियों के दौरान मार्च-अप्रैल में दिल्ली के लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्हें पानी की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा। पानी की आपूर्ति घटाए जाने संबंधी दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष व आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा के आरोपों पर आपत्ति जताते हुए भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) और हरियाणा के सिंचाई विभाग ने इसे गलत और भ्रामक बताया है।

आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा के बयानों के बाद अब बीबीएमबी ने स्पष्ट किया है कि नंगल हाइडिल चैनल की मरम्मत की कोई जरूरत नहीं है। यदि पावर प्लांट के गेटों की मरम्मत की जरूरत पड़ी भी तो कोई गेट बंद नहीं किया जाएगा और दिल्ली को पानी की आपूर्ति पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा। इसपर राघव चड्ढा ने कहा कि उन्हें हरियाणा से ऐसी सूचना मिली थी कि दिल्ली का पानी रोका जा रहा है। यदि दिल्ली की ओर से दबाव बनाए जाने के बाद पानी रोकने का फैसला बदला जा रहा है तो यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा, ‘ऐसे हर मुद्दे पर हमारा संघर्ष जारी रहेगा। हमारा मकसद है कि दिल्लीवालों को पूरा पानी मिले।’


राघव चड्ढा ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि वह दिल्ली में पानी की आपूíत एक महीने तक बंद रखना चाहती है। पंजाब में पड़ने वाले नंगल हाइडिल चैनल की मरम्मत होनी है, जिसके कारण इस चैनल के जरिये हरियाणा की मूनक नहर के रास्ते आने वाले 232 एमजीडी पानी की आपूर्ति ठप हो जाएगी। वहीं, बीबीएमबी के अधिकारियों ने दैनिक जागरण को बताया कि जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की गई है। चैनल बंद नहीं किया जा रहा है, दिल्ली समेत किसी भी राज्य के लिए पानी की आपूर्ति में कमी भी नहीं की जा रही है।


गेटों की होगी मरम्मत

नंगल में भाखड़ा बांध के मुख्य अभियंता कमलजीत सिंह ने भी कहा कि भाखड़ा बांध से निकलने वाली नंगल हाइडिल चैनल नहीं, बल्कि नहर के रास्ते में बने गंगुवाल व कोटला पावर प्लांट के गेटों की मरम्मत की जानी है। हर साल इन गेटों की मरम्मत की जाती है, लेकिन पिछले साल लाकडाउन के कारण नहीं की जा सकी थी। उन्होंने बताया कि मरम्मत के लिए यह समय सबसे सही है, क्योंकि इन दिनों भाखड़ा बांध के भागीदार राज्यों पंजाब, हरियाणा व राजस्थान से पानी की मांग कम हो जाती है। ऐसे में कम पानी छोड़ना पड़ता है। मरम्मत के समय भी कम से कम आठ हजार क्यूसेक पानी नहर में चलता रहता है।


पानी कम करने से पहले होती है राज्यों की बैठक

पानी की आपूर्ति कम या ज्यादा करने का निर्णय पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली के साथ बैठक के बाद ही लिया जाता है। बीबीएमबी के चीफ इंजीनियर (कैनाल) संजीव गुप्ता के मुताबिक, शनिवार को चंडीगढ़ में इन राज्यों की बैठक होने जा रही है। यह हर माह होने वाली रूटीन बैठक है, जिसमें राज्यों की जरूरत के मुताबिक पानी की आपूर्ति तय होती है।


हरियाणा के अधिकारी बोले- नहीं रोका जा रहा दिल्ली का पानी

हरियाणा के अधिकारियों ने दिल्ली को पानी की आपूर्ति रोके जाने जैसी कोई सूचना देने से साफ इनकार किया है। हरियाणा के सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर (कॉर्डनेशन) संदीप बिश्नोई का कहना है कि यमुना में भी फिलहाल पानी कम बह रहा है। इसके बावजूद दिल्ली में पानी की आपूíत बाधित नहीं है। बारिश आने व पहाड़ों में बर्फ पिघलने के बाद स्थिति में और सुधार होगा। गर्मी पड़ने के साथ ही पहाड़ों में बर्फ पिघलेगी।


66 सालों में एक दिन भी बंद नहीं हुई नहर

वर्ष 1954 में आठ जुलाई को भाखड़ा बांध से निकलने वाले नंगल हाइडिल चैनल का उद्घाटन हुआ था। यह नहर 12,500 क्यूसेक पानी भाखड़ा नहर के माध्यम से हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान तक उपलब्ध करवाती आ रही है। पिछले 66 वर्षो में एक भी दिन ऐसा नहीं हुआ, जब यह नहर बंद हुई हो। इस नहर के निरीक्षण व मरम्मत का काम नहर को बंद किए बिना किया जाता है।