टीम इंडिया 36 रन पर आउट होने के बाद भी टेस्ट सीरीज में क्यों वापसी कर पाई, मो. हफीज ने बताया

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अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में टीम इंडिया ने बड़े स्टार खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में जिस तरह से ऑस्ट्रेलियाई टीम को उनकी ही धरती पर चार मैचों की टेस्ट सीरीज में हराया उसके बाद पूरी दुनिया में भारत की प्रशंसा हो रही है। पाकिस्तान के भी कई क्रिकेटर्स ने इस जीत की सराहना की और अब इस टीम के सीनियर खिलाड़ी मो. हफीज भी भारतीय टीम की इस सफलता की तारीफ करते नजर आए। उन्होंने कहा कि, भारत में टैलेंट को निखारने की सही व्यवस्था की जगह से ही ये संभव हो पाया।

मो. हफीज ने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बने रहने के लिए सिर्फ टैलेंट ही पर्याप्त नहीं है इससे भी जरूरी ये है कि उन प्रतिभा को कितना ज्यादा निखारा जाता है। वहीं उन्होंने साफ तौर पर कहा कि, पाकिस्तान में प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को निखारने की अच्छी व्यवस्था नहीं है। हफीज ने कहा कि, मैंने भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए इस सीरीज का पूरा लुत्फ उठाया। पहले मैच में हार के बाद टीम इंडिया का मनोबल गिरा हुआ था, लेकिन जिस तरह से उन्होंने सीरीज में वापसी की वो लाजवाब थी।


हफीज ने आगे कहा कि, इस टेस्ट सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया 36 रन पर आउट हो गई थी और टीम के नियमित कप्तान विराट कोहली भी चले गए थे, इसके बावजूद भारतीय टीम ने जिस तरह से वापसी की, वो बेहतरीन था। टीम इंडिया इतनी विपरित परिस्थिति में होते हुए भी टेस्ट सीरीज में इसलिए वापसी कर पाई क्योंकि उसके नए और युवा खिलाड़ियों को अच्छी तरह से तैयार किया गया था।

मो. हफीज ने पाकिस्तान क्रिकेट के बारे में बात करते हुए कहा कि, पाकिस्तान में सिर्फ बल्लेबाजी और गेंदबाजी पर ध्यान दिया जाता है लेकिन टैलेंटेड युवा क्रिकेटरों को इंटरनेशनल क्रिकेट की चुनौतियों के लिये उचित तरीके से तैयार नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से हमारे पास ऐसी व्यवस्था नहीं है जो हम आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों के हिसाब से खिलाड़ी तैयार कर पाएं। यही वजह है कि हमारे कई युवा खिलाड़ी इंटरनेशनल स्तर पर असफल हो जाते हैं।