टल्ली हो रहीं आगरा की लड़कियां, ये कारण बना रहे नशे का आदी

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युवाओं को नशे की लत अपनी गिरफ्त में ले रही है। लड़कों के साथ अब लड़कियां भी टल्ली होने लगी हैं। शौक कब लत बन गई पता ही नहीं चलता। कुछ केस में घरेलू कलह और तनाव भी नशे का कारण बन रहा है। बाद में इस लत को छुड़ाने के लिए युवतियां परेशान होती हैं। इसके लिए काउंसिलिंग का सहारा लेना पड़ता है।

ताजनगरी की युवतियां भी तेजी से नशे की गिरफ्त में फंस रही हैं। शुरुआत हुक्का बार से होती है। हुक्के से शराब के जाम तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगता। शौक कब लत में बदल जाता है इसका पता नहीं चलता। जब इसके बारे में उनके घर वालों को पता चलता है तो उन पर सख्ती होती है। इसके चलते युवतियां अवसाद में भी आ जाती हैं। मनोचिकित्सक बताते हैं कि उनके पास ऐसे कई केस आते हैं, जिनमें युवती की शादी होने वाली होती है। ऐसे में लत छुड़वाने के लिए उनके घर वाले काउंसिलिंग का सहारा लेते हैं। उनका कहना है कि बाद में कोई परेशानी न हो इसके लिए पहले ही वह इस लत से छुटकारा पाना चाहती हैं। मनोचिकित्सक डा. दिनेश राठौर का कहना है कि नशे के चलते महिलाओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जब समस्या बढ़ जाती है तो उन्हें इसका अहसास होता है। शादीशुदा महिलाओं की काउंसिलिंग की संख्या ज्यादा है।


घर की कलह भी बन रही कारण

महिलाओं में नशे की लत की शुरुआत उनके अपने ही घर से होती है। घरेलू कलह और तनाव आने पर महिलाएं नशा करने लगती हैं। वहीं सोसाइटी में हाई दिखाने के लिए भी नशा करना महिलाओं का शौक बनने लगा है। शहरों की लड़कियों में पान मसाला, गुटखा या सिगरेट का नशा भी तेजी से बढ़ा है।

90 लाख महिला शराब की आदी


नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट एम्स की रिपोर्ट के अनुसार देश में 90 लाख महिलाएं शराब, 40 लाख महिलाएं कैनाबिस और 20 लाख महिलाएं अफीम का सेवन करती हैं। नशा करने वाली इन महिलाओं की उम्र 12 से 70 साल के बीच है।

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