जिला अस्पताल पर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए उमड़े शिक्षक

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69 हजार शिक्षक भर्ती के दूसरे चरण में शनिवार को नियुक्ति पत्र पाने के बाद शिक्षक अपना स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए सोमवार का जिला अस्पताल पर भीड़ लगी रही। सुबह से ही लगी शिक्षकों की भीड़ में उन्हें न सिर्फ अव्यवस्था का सामना करना पड़ा, बल्कि देर शाम तक कइयों को बिना स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के ही वापस लौटना पड़ा। विद्यालयों पर नियुक्ति से पहले शिक्षकों को स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाना है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने बकायदा एक सप्ताह का समय दिया है। लेकिन दूर-दराज के अभ्यर्थियों के होने के कारण पहले ही दिन बड़ी संख्या में शिक्षक जिला अस्पताल पर आए। सुरक्षा के लिए लगी रही पुलिस:

जिला अस्पताल पर उमड़ी शिक्षकों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से जिला अस्पताल पर पुलिस तैनात रही। सदर कोतवाल मनीष कुमार समेत महिला व पुरूष आरक्षी भी मौजूद रहे। अफवाह में दौड़ते रहे शिक्षक

शिक्षकों के बीच अफवाह थी कि जो पहले ज्वाइनिग करेगा उसे पहले व मनमाफिक विद्यालय आवंटन होगा । इस लालच में आकर शिक्षकों ने पहले ही दिन जिला अस्पताल पर भीड़ लगा दी। इसके अलावा विभागीय व्यवस्था की भी कमी रही। शिक्षा विभाग को चाहिए था कि स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर शिक्षकों के लिए बैच वाइज स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। इससे न सिर्फ जिला अस्पताल पर भीड़ कम होती, बल्कि शिक्षकों को भी सुगमता होती। सोमवार को जिला अस्पताल पर कई शिक्षक स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के लिए दलालों का भी चक्कर लगाते रहे। स्वास्थ्य परीक्षण एवं ज्वाइनिग के लिए भरपूर समय है। शिक्षकों को तेजी करने की कोई जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य परीक्षण एवं ज्वाइनिग के लिए पूरे एक सप्ताह का समय दिया गया है। स्वास्थ्य परीक्षण में अगर किसी भी प्रकार की असुविधा हो तो शिक्षक इसकी शिकायत कर सकते हैं।