जानिए दिल्ली से क्या है बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी और उनके बेटे का नाता

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मऊ के विधायक मुख्तार अंसारी ने सिर्फ पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि देश और प्रदेश की राजधानी तक में अपराध को अंजाम दिया। पुलिस रिकार्ड के अनुसार तीन राज्यों के 10 जनपदों के 21 थानों में मुख्तार के खिलाफ कुल 46 मुकदमेे दर्ज हैं। ये सभी मुकदमे माफिया मुख्तार की कारगुजारियों की पोल खोलते हैं।

इसके अलावा उस पर देश के तमाम राज्यों में मुख्तार अंसारी पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी के लिए धमकी, दंगा भड़काने, धोखाधड़ी करने, सरकारी व निजी संपत्तियों पर कब्जा करने, अवैध वसूली, असलहों, मछली कारोबार, विविध वस्तुओं की तस्करी, गैंगस्टर, क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट, मकोका, एनएसए के अलावा अन्य गंभीर आरोपों में मुकदमे दर्ज हैं।

मुख्तार ने जब जरायम की दुनिया में कदम रखा उसके बाद अपने खिलाफ गवाह ही खडे़ नहीं होने दिए। यदि उसे लगा कि उसके खिलाफ कोई अदालत में खड़ा होगा और गवाही देगा तो उसे हर तरह से डराया गया, जिससे वो अदालत में पहुंचे ही ना, यदि वहां पहुंच भी जाए तो बयान से मुकर जाए। अधिकतर मामलों में ऐसा ही हुआ जिसका नतीजा ये हुआ कि मुख्तार अधिकतर मामलों में गवाहों के मुकर जाने के कारण व साक्ष्य के अभाव के कारण बरी भी हो चुके हैं।


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इन मामलों में सुनवाई जारी


बहरहाल गाजीपुर में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या, मऊ में ए श्रेणी ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह दोहरा हत्याकांड, मन्ना हत्याकांड के गवाह रामचंद्र मौर्य और उनके अंगरक्षक सिपाही सतीश के दोहरे हत्याकांड मामलों में अभी उनके विरुद्ध सुनवाई जारी है। राजनीतिक पाला बदलने में माहिर मुख्तार अंसारी यूपी में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनते ही जमानत तोड़वा कर एक उद्योगपति को धमकी देने के मामले में पंजाब के मोहाली जेल में बंद है।

जमीन कब्जाने में दिल्ली के बदमाश भी रहे शामिल

विधायक मुख्‍तार अंसारी के नाम पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जबरन भूमि पर कब्‍जा करने का मामला वाराणसी में सामने आया है। इस मामले में रविवार को रेवडी तालाब निवासी मोहम्‍मद आरिफ की तहरीर पर मुख्‍तार के चचेरे भाई मंसूर अंसारी, गणेशपुर सुसुवाही निवासी विक्रम विज, अगस्‍तकुंडा के आशीष गुप्‍ता, नई दिल्‍ली के न्‍यू रंजीत नगर वेस्‍ट पटेल नगर के जावेद मकसूद, शबनम, कोमल, अफजान व एक अज्ञात के खिलाफ रंगदारी मांगने, धोखाधडी सहित अन्‍य आरोपों के तहत शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

दिल्ली के पते पर ट्रांसफर कराया लाइसेंस

माफिया मुख्तार अंसारी के निशानेबाज बेटे का नाम है अब्बास अंसारी। अंसारी ने उत्तर प्रदेश में बना अपना शस्त्र लाइेंसस वर्ष 2015 में बड़ी आसानी से दिल्ली के पते पर ट्रांसफर करा लिया था। अब्बास ने दिल्ली में एक कमरा किराये पर लिया था और उस पते पर शस्त्र लाइसेंस ट्रांसफर करा लिया।


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एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस से वेरिफिकेशन रिपोर्ट तो मांगी थी, लेकिन वह रिपोर्ट मिलने से पहले ही अब्बास अंसारी के शस्त्र लाइसेंस को दिल्ली के पते पर रजिस्टर्ड कर दिया गया था। वास्तव में यूपी से कोई वेरिफिकेशन रिपोर्ट भेजी ही नहीं गई थी। ऐसे ही अब्बास विदेश से अपने पर्सनल बैगेज में विदेश से जो शस्त्र लाया था, उन्हें रिलीज करने में कस्टम अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।


कस्टम अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल

अब्बास के एक शस्त्र लाइसेंस पर कई असलहे खरीदने के मामले की जांच के कदम बढ़ने के साथ ही एक के बाद एक नया खेल सामने आया। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) अब्बास के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल करने के बाद अब दिल्ली पुलिस, लखनऊ जिला प्रशासन, नेशनल राइफल एसोसिएशन व कस्टम की भूमिका की जांच भी चल रही है। अब्बास विदेश से प्रतिबंधित बोर के चार असलहे लाया था। सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ इस मामले में लखनऊ के तत्कालीन डीएम अनुराग यादव के बयान भी दर्ज कर चुकी है।

स्लोवेनिया से लाया प्रतिबंधित असलहे

सूत्रों का कहना है कि अब्बास स्लोवेनिया से जो असलहे लाया था, उनमें 9.52 एमएम बोर की राइफल, 11.63 एमएम बोर की राइफल व 10.16 बोर की पिस्टल प्रतिबंधित थी। इन असलहों को नियम विरुद्ध लाया गया था। इसके अलावा अब्बास ने विदेश से लाई गई 30.06 बोर की एक राइफल दिल्ली स्थित शस्त्र की दुकान में जमा करा दी थी। इस रायफल को एसटीएफ ने अपनी कस्टडी में ले लिया था।

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