जहां पीएम मोदी ने सेना के जवानों के साथ मनाई दीवाली

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान से सटे राजस्थाान के जैसलमेर की जिस लोंगेवाला पोस्ट पर भारतीय जवानों के साथ दीपावली मनाई। उस पोस्ट का अपना बड़ा इतिहास रहा है। यह पोस्ट रेत के ऊंचे टीले पर है। इसी पोस्ट से 1971 की लड़ाई में भारतीय सैनिकों ने युद्ध कौशल के दम पर पाकिस्तान के हजारों जवानों को भागने के लिए मजबूर कर दिया था। पाकिस्तानी जवानों ने 45 टैंक और 500 से अधिक बख्तरबंद गाड़ियां यहीं छोड़ दी थी। मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी की अगुवाई चार दिसंबर,1971 को लोंगेवाला पोस्ट पर पंजाब रेजिमेंट के 120 जवान तैनात थे। इसी बीच, सूचना मिली कि पाकिस्तानी सैनिक टैंकों के साथ सीमा की तरफ बढ़ रहे हैं।

पूर्व सैनिकों का कहना है कि मेजर चांदपुरी ने इस बारे में उच्च अधिकारियां को सूचना दी तो सूचना मिली कि वे सैनिकों के साथ पैदल ही रामगढ़ पोस्ट की तरफ कूच करें,जिससे पाकिस्तानी सेना को रोका जा सके। लेकिन चांदपुरी ने चौकी नहीं छोड़ने का निर्णय अपने स्तर पर किया और जवानों को लड़ने के लिए तैयार कर लिया। लोंगेवाला पोस्ट पर तैनात सैनिकों ने पाकिस्तानी सेना का मुकाबला करने को लेकर हामी भरी। उस समय वहां केवल दो एंटी टैंक गन,कुछ मोर्टार व राइफल्स थी। वहीं, करीब दो हजार पाकिस्तानी सैनिक टैंकों व बख्तरबंद गाड़ियों के साथ आगे बढ़ रहे थे। उन्होंने लोंगेवााला पर कब्जा करने की कोशिश की। लेकिन भारतीय जवानों ने ऐसी रणनीति बनाई कि पाकिस्तानी जवान जैसे ही 100 मीटर के दायरे में आए, वैसे ही भारतीय सेना उन पर टूट पड़ी। भारत के एंटी टैंक गन गरज उठी और पाकिस्तान के चार टैंक नष्ट कर दिए।


अचानक हुए इस हमले से पाकिस्तानी सैनिक सकते में आ गए,वे भारतीय जवाानों का सामना नहीं कर सके। एंटी टैंक गन ने पाकिस्तानी टैंकों को नष्ट किया तो डीजल बैरल जलने लगे,जिससे रात के अंधेरे में काफी रोशनी हो गई । केवल दो घंटे में भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान के 12 सैनिकों को मार गिराया। पाकिस्तानी सैनिकों को भारतीय सैनिकों ने छह घंटे तक रोके रखा। सुबह होते ही एयरफोर्स ने हमला किया और 22 टैंक्स और 100 से ज्यादा बख्तरबंद गाड़ियां उड़ा दी। पाकिस्तानी सैनिकोें के बुरे हाल हो गए। यह हालात देख अपने टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां छोड़कर पाकिस्तानी सैनिक वापस भाग गए थे।


पीएम मोदी बोले, किसी ने आजमाने की कोशिश की तो प्रचंड जवाब मिलेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 7वीं बार जवानों के साथ दीपावली मनाई। इस बार वे राजस्थान में जैसलमेर के लोंगेवाला पोस्ट पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना चेतावनी दी कि किसी ने आजमाने की कोशिश की तो प्रचंड जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज दुनिया यह जान रही है, समझ रही है कि ये देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर समझौता करने वाला नहीं है। दुनिया समझ गई भारत आतंकियों व उनके आकाओं को घर में घुसकर मारता है। जवानों का उत्साह बढ़ाते हुए पीएम ने कहा कि भारत का ये रुतबा, ये कद आपकी शक्ति और पराक्रम के कारण ही है। आपने देश को सुरक्षित किया है,इसलिए भारत आज वैश्विक मंच पर प्रखरता से अपनी बात रखता है।


उन्होंने कहा कि दुनिया के समीकरण कितने भी बदल गए हों, सजगता ही सुख चैन का संबल है । उन्होंने कहा आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान है, विस्तारवाद एक तरह से मानसिक विकृति है, यह 18वीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है। इस सोच के खिलाफ भारत प्रखर आवाज बन रहा है। पीएम ने कहा कि दुनिया का इतिहास हमें ये बताता है कि केवल वही राष्ट्र सुरक्षित रहे है,वहीं राष्ट्र आगे बढ़े हैं, जिनके भीतर आक्रांताओं का मुकाबला करने की शक्ति है। उन्होंने कहा कि भले ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग कितना ही आगे क्योंन आ गया हो, समीकरण कितने ही बदल गए हो, लेकिन हम यह नहीं भूल सकते की सतर्कता ही सुरक्षा है। पीएम मोदी टैंक पर भी सवार हुए। उन्हाेंने जवानों को मिठाई खिलाई।


पीएम मोदी ने जवानों को सलाह दी

इस दौरान पीएम मोदी ने जवानों को तीन सलाह भी दी। पीएम ने सैनिकों से कहा कुछ न कुछ नया करने की कोशिश करें, योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और हिंदी व अंग्रेजी के अलावा कम से कम एक भाषा जरूर सीखें। उन्होंने आर्मी टैंक का निरीक्षण भी किया। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में सैनिकों के साथ दिवाली मनाते रहे हैं। पीएम ने जवानों से कहा कि मैं आपके लिए हर भारतवासी की शुभकामनाएं और प्यार लेकर आया हूं। हर वरिष्ठजन का आशीष लेकर आया हूं। आप सभी अभिनंदन के अधिकारी हैं। 2014 में पीएम बनने के बाद पहली बार सियाचिन चला गया था। दीपावली मनाने के लिए तो कई लोगों को आश्चर्य हुआ था। लेकिन, आप जानते हैं अगर दीपावली पर अपनों के बीच नहीं जाऊंगा तो कहां जाऊंगा। इसलिए आज भी अपनों के बीच आया हूं। आप बर्फीले पहाड़ियों में रहें या रेगिस्तान में। आपके चेहरों की रौनक देखकर मेरी दीपावली शुभ हो जाती है। उन्होंने कहा कि किसी एक पोस्ट का नाम अगर देश को और पीढ़ियों को याद होगा तो वह लोंगेवाला पोस्ट है।


यहां गर्मियों में पारा 50 डिग्री, तो सर्दियों में शून्य पर पहुंच जाता है। सर्दियों में आप एक-दूसरे का चेहरा नहीं देख पाते। लोंगेवाला का नाम लेते ही मन की गहराई से आवाज आती है- जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल। लोंगेवाला की इस पोस्ट से देश की नजरें आप पर हैं। उन्होंने कहा कि रेगिस्तान हो, पहाड़ियां हों या जल की गहराई, आपकी वीरता हर चुनौती पर भारी पड़ी है। आज रेगिस्तान में डटे हैं, तो आपको हिमालय की ऊंचाई का भी अनुभव है। आपका पराक्रम और शौर्य अतुलनीय है। दुश्मन भी जानता है कि भारत के जवानों की कोई बराबरी नहीं। आज 130 करोड़ देशवासी आपके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्हें अपने सैनिकों के शौर्य और अजेयता पर गर्व है। दुनिया की कोई भी ताकत हमारे वीर जवानों को देश की रक्षा से न रोक सकती है।