चीफ मंगू सिंह से मिले व्यापारी नेता, सीटीआई की बाजारों से सटे सभी स्टेशन गेटों को खोलने की मांग

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दिल्ली में कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के बाहर सुबह और शाम में यात्रियों की लंबी लाइन लग रही है, जिससे शारीरिक दूरी रखने में दिक्कत हो रही है। कोविड-19 संक्रमण रोकने के संदर्भ में 5 सुझावों के साथ चैंबर ऑफ ट्रेड इंड इंडस्ट्री (CTI) के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगू सिंह से मुलाकात की।

सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि उन्होंने मेट्रो के एमडी को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें मांग की गई है कि मेट्रो स्टेशन्स पर प्रवेश और निकास के अलग अलग गेट हों। बड़े स्टेशन जैसे चांदनी चौक, लालकिला, राजीव चौक पर सभी प्रवेश निकासी गेट खुले होने चाहिए। इसके अलावा सभी बड़े बाजारों के मेट्रो स्टेशन जैसे कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, सरोजिनी नगर, लाजपत नगर, राजौरी गार्डन, करोल बाग और नेहरू प्लेस के सारे गेट खोले जाएं।


कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन का गेट नंबर 1 बंद है, जो कि मोरीगेट और तीस हजारी जाने वाले यात्रियों के लिए प्रमुख है। अब यहां से निकलने वाले यात्री गेट नंबर 4 का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कि लंबा पड़ता है। गेट नंबर 2 पर भी काफी भीड़ होती है। इसी तरह कई स्टेशनों पर सैनेटाइजेशन मशीन और थर्मल स्केनर काम नहीं कर रहे हैं। मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाए, ताकि स्टेशनों ज्यादा भीड़ नहीं लगे और कम समय में ही मेट्रो आ जाए। इस पर मंगू सिंह ने कहा कि वे मेट्रो गेट्स की स्थिति की समीक्षा कराएंगे। मेट्रो अपनी पूरी क्षमता से चल रही है। अब शारीरिक दूरी के लिए एक सीट छोड़कर यात्री बैठ रहे हैं, इसलिए थोड़ी दिक्कत जरूर होती है।

बृजेश ने कहा कि अभी टोकन सिस्टम नहीं होने से बहुत से यात्रियों को दिक्कत होती है, वे स्मार्ट कार्ड को पेमेंट ऐप से रिचार्ज करना भी नहीं जानते। इस पर डीएमआरसी प्रमुख ने कहा कि आम तौर पर मेट्रो में रोजाना 60 लाख यात्री सफर करते है, लेकिन अभी रोजाना 15 लाख यात्रियों को ही यात्रा कराने का लक्ष्य है। यह आराम से पूरा हो रहा है। ऐसे में अभी टोकन सिस्टम शुरू नहीं होगा। इससे भीड़ बढ़ेगी और टोकन के आदान-प्रदान से भी संक्रमण फैलने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।


अभी मेट्रो सिस्टम से किसी को शिकायत भी नहीं हैं। बेहतर प्रबंधन की वजह से यात्रियों को सहूलियत मिल रही है। मुलाकात में बृजेश गोयल के साथ व्यापारी नेता राकेश गुप्ता और हर्षवर्धन बंसल भी मौजूद रहे।