चीन को लगा जोरदार झटका, इस दीपावली 40 हजार करोड़ रुपये का हुआ नुकसान

0 100


कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दावा किया है कि इस दीपावली देश ने चीन को तकरीबन 40 हजार करोड़ रुपये का झटका दिया है। कैट के मुताबिक प्रति वर्ष त्‍योहारी सीजन में इतने मूल्य का यह सामान देश में बिक जाता, पर चीन के खिलाफ देश में बने माहौल के कारण लोगों ने चीनी उत्पादों का बहिष्कार किया। जिसका यह असर है। इसके साथ ही कैट ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच देश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक भविष्य की तस्वीर दिखाते हुए दावा किया है कि इस त्‍योहारी सीजन में तकरीबन 72 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि कोरोना महामारी के बड़े गंभीर संकट के बीच इस वर्ष का दीपावली त्यौहार पूरी तरह से एक अलग ही अंदाज में पूरे देश में मनाया गया, जिसमें कुछ बहुत ही नवीन विशेषताएं थीं जिनमें चीनी सामानों का पूर्ण बहिष्कार, भारतीय सामानों का बड़े पैमाने पर उपयोग के साथ-साथ भारत में आठ महीने का व्यापार का निर्वासन समाप्त हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “लोकल पर वोकल’ व “आत्मनिर्भर भारत’ का भी बड़ा असर देखने को मिला।


खंडेलवाल ने कहा कि देश के 20 अलग-अलग शहर जो देशभर में सप्लाई चैन के प्रमुख वितरण केंद्र है, से एकत्रित रिपोर्टों के अनुसार दीपावली त्‍योहारी सीजन बिक्री से देशभर में लगभग 72 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ और चीन को सीधे तौर पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का व्यापार घाटा हुआ। हालांकि, उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सरकारी अधिकारियों की लापरवाही से जिसमें पटाखे की नीति का अभाव मुख्य कारण रहा, जिसके चलते बड़े व छोटे तथा बेहद मामूली स्तर के पटाखों के निर्माणकर्ता व विक्रेताओं को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का नुकसान हुआ।


खुदरा व्यापार के विभिन्न वर्गों खास तौर पर देश में बने एफएमसीजी उत्पाद, उपभोक्ता वस्तुएं, खिलौने, बिजली के उपकरण और सामान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सफेद सामान, रसोई के सामान, उपहार की वस्तुएं, मिठाई- नमकीन, घर का सामान, बर्तन, सोना और गहने, जूते, घड़ियां, फर्नीचर,वस्त्र, फैशन परिधान, कपड़ा, घर की सजावट का सामान, मिट्टी के दिए सहित दीवाली पूजा का सामान, सजावटी सामान जैसे दीवार की लटकने, हस्तकला की वस्तुएं, वस्त्र, घर द्वार पर लगाने वाले शुभ-लाभ, ओम, देवी लक्ष्मी के चरण आदि अनेक त्यौहारी सीजन वस्तुओं की बिक्री बहुत अच्छी रही।