कोविड-19 के बाद केवल डिजिटल इकोसिस्टम वाले देश करेंगे प्रगतिः नीति आयोग के सीईओ

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नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने सोमवार को कहा कि अगर भारत को अगले तीन दशक तक 9-10 फीसद की दर से वृद्धि हासिल करनी है तो उससे वैश्विक अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बने रहना होगा। इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) द्वारा आयोजित ’15th India Digital Summit’ को संबोधित करते हुए कांत ने सोमवार को ये बातें कहीं। उन्होंने साथ ही डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दिया। नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद केवल डिजिटल इकोसिस्टम का इस्तेमाल करने वाले देश प्रगति करेंगे।

कांत ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रमुख निर्यातक बनने के बाद ही भारत एक अमीर देश बन सकता है और अपने लोगों के लिए अधिक-से-अधिक धन जुटा सकता है। यह दो दिवसीय सम्मेलन बुधवार तक चलेगा।

कांत ने कहा कि सरकार का आत्मनिर्भर भारत अभियान संरक्षणवाद से संबंधित नहीं है बल्कि यह देश को वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बनाता है।

कांत ने कहा कि भारत का डिजिटल विभाजन अब कमजोर हो रहा है। उन्होंने इसके लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का उदाहरण दिया, जिसमें कई गुना तक की वृद्धि देखने को मिली है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना से वित्तीय सेवाओं का लोकतांत्रिकरण हुआ है।

कांत ने कहा कि देश की फिनटेक क्रांति की वजह से वित्तीय उत्पादों तक देश के गरीब लोगों की पहुंच बढ़ी है।


इस कार्यक्रम में फेसबुक इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट और एमडी अजीत मोहन ने कहा कि पिछले कुछ माह में इंटरनेट का बहुत अधिक विस्तार देखने को मिला है।


उन्होंने कहा कि पिछले एक साल के दौरान बिजनेस के ग्रोथ के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप का इस्तेमाल अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है।

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