केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कही बड़ी बात, ‘देश में अब समाप्ति की ओर है कोरोना महामारी’

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड-19 महामारी अब समाप्ति की ओर है। देश में टीके की कोई कमी नहीं है। भारत अपने लोगों के साथ ही दुनिया के अन्य देशों को टीका देने में पूरी तरह सक्षम है। टीकाकरण को लेकर किसी तरह की राजनीति नहीं की जानी चाहिए, बल्कि देश के लोगों की सुरक्षा के लिए सभी इसमें सहयोग करें। डॉ. हर्षवर्धन रविवार को दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) और धर्मशिला नारायण अस्पताल के सहयोग से आयोजित दिल्ली राज्य मेडिकल कांफ्रेंस (मेडिकान-2021) के 62वें वार्षिक दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डीएमए ने इस अवसर पर कोविड-19 के दौरान उल्लेखनीय सेवा और उत्कृष्ट कार्य के लिए डॉ. हर्षवर्धन को सम्मानित भी किया।

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि मेडिकान-2021 में उपस्थित होने और सम्मानित किए जाने पर वह गर्व महसूस कर रहे हैं। डीएमए के साथ उनकी कई गौरवशाली यादें जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि दो करोड़ से अधिक लाभार्थियों को अब तक टीका लगाया जा चुका है। अब प्रतिदिन 15 लाख लोगों को टीका लगाया जा रहा है। टीके की अब कोई कमी नहीं है। विश्व के अन्य देशों की तुलना में अपने देश में न्यूनतम दुष्प्रभाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि यदि शेष विश्व असुरक्षित रहे तो भारत कोरोना महामारी से सुरक्षित नहीं रह सकता। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में टीकाकरण को गति देने के साथ ही दुनिया के अन्य देशों को भी वैक्सीन देने का निर्णय लिया। यदि निर्धन और कम विकसित देश कोरोना के प्रति लापरवाही बरतते रहे तो हम सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं रहेंगे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की फार्मेसी के रूप में उभरा है। 62 देशों में अब तक पांच करोड़ 51 लाख टीके भेजे जा चुके हैं। टीकाकरण होने से अब कोरोना महामारी समाप्ति की ओर है और इस चरण में हम कामयाब होंगे। इसके लिए सिर्फ तीन कदम उठाने की जरूरत है। पहला टीकाकरण अभियान के दौरान राजनीति को दूर रखें। विज्ञान पर भरोसा रखें और ये सुनिश्चित करें कि हमारे नजदीकी सभी लोगों को समय पर टीका दिया जाए।


वहीं, डीएमए के अध्यक्ष डॉ. बीबी वाधवा ने कहा कि डा. हर्षवर्धन चिकित्सा समुदाय का गौरव हैं। डीएमए के सचिव डा. अजय गंभीर ने कहा कि डा हर्षवर्धन के नेतृत्व में उन्होंने पल्स पोलियो कार्यक्रम के दौरान काम किया है और अब डीएमए देशभर में स्वास्थ्य ढांचा विकसित करने में सहयोग देने में पूरी तरह जुटा है।